भ्रष्टाचार के मामले में प्रभारी एई और सुपरवाइजर पर कार्रवाई के बाद अब एमडीडीए में बरसों से जमे कर्मचारियों के कार्यक्षेत्रों में बदलाव किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को 10 कर्मियों के कार्य क्षेत्र में बदलाव किया गया। यह कर्मचारी लंबे समय से एक ही अनुभाग के काम में लगे थे। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही प्राधिकरण की कुछ अन्य व्यवस्थाओं में भी बदलाव किया जा सकता है।
घूसकांड के बाद एमडीडीए में बदलाव
प्रभारी एई टीपी नौटियाल और सुपरवाइजर अजय कुमार के घूसकांड में पकड़े जाने के बाद एमडीडीए में व्यवस्था में सुधार की कवायद का दौर जारी है। घूसकांड के तुरंत बाद सभी फील्ड सुपरवाइजरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को हटाकर कार्यालय से अटैच किया गया।
नई व्यवस्था के तहत निर्माण कार्यों के जांच की जिम्मेदारी केवल जेई या उससे उच्चस्तर के अधिकारी को ही दी गई। इसी मामले में संलिप्त पाए जाने पर जेई नरेंद्र तोमर को भी कार्यालय से अटैच कर दिया गया।
और बदलाव संभव
बृहस्पतिवार को वर्षों से एक ही काम में लगे 10 कर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। एमडीडीए सचिव पीसी दुमका ने बताया कि कार्यों में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करने के लिए यह बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए भविष्य में अन्य बदलाव भी किए जा सकते हैं।