देहरादून। ‘जोगी रे क्या जादू तेरे प्यार में, हो जाए तेरा जो भी आए तेरे दरबार में...’ जैसे भजनों के माध्यम से आसाराम बापू ने अनुयायियों को भाव-विभोर कर दिया। परेड ग्राउंड में भक्तों के समक्ष प्रवचन करते हुए उन्होंने ओंकार को ही सभी मंत्रों का आधार करार दिया। कहा कि वही वाणी का आधार है। इसका मात्र आध्यात्मिक ही नहीं वरन औषधीय महत्व भी है। ओंकार की ध्वनि जीवन का प्रकाश है। उन्होंने भक्तों से इस जाप के साथ हास्य प्रयोग भी कराया। बताया कि इससे अत्यधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है। वैचारिक प्रदूषण दूर होता है। इस बीच उन्होंने बैटरी चालित ट्रेन से भक्तों के बीच पहुंच प्रसाद वितरण भी किया। इत्र छिड़काया। इस दौरान युवा सेवा संघ, बाल संस्कार केंद्र, प्राकृतिक चिकित्सा, पत्रिका ऋषि प्रसाद के स्टाल भी लगाए गए थे। श्री योग वेदांत सेवा समिति की ओर से हुए इस कार्यक्रम में सुरेशानंद, सुबोध गोयल, हरीश चंद, श्याम सुंदर, एमएस रावत, रविंद्र, एलजी थपलियाल, रेखा, नीना, सावित्री, सुदेश सिंह आदि का सहयोग रहा।