कालसी/देहरादून। टोंस नदी में एक सीजन में एक लाख टन घनमीटर खनन करने का आदेश सरकारी तौर पर दिया गया है। खनन पिछले काफी दिनों से तेजी से चल रहा है। अभी 15 हजार घन मीटर का खनन बाकी है। यह सरकारी पैमाना है। जो कागजों में दर्ज है। हकीकत में नदी को किस तरह से छलनी किया जा रहा है इसे देखने के लिए वहां सिर्फ पुलिस और खनन करने वाले लोग ही मौजूद होते हैं। अधिकारियों ने यहां का रुख करना छोड़ दिया है। नतीजा बेतहासा, बेहिसाब खनन। ट्रकों और ट्रैक्टर ट्रालियों की ओवर लोडिंग और ओवर स्पीड क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। इतना ही नहीं खनन के दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की शर्तों का भी खुले आम उल्लंघन हो रहा है। जिस तरह से पूरे क्षेत्र में धूल के बादल पूरे दिन उड़ते रहते हैं, कुछ दिनों तक और इसी तरह चलता रहा तो लोग सांस के मरीज भी हो सकते हैं।
अनियमितताओं के बीच खनन
आरोप एक- पट्टा धारक को पट्टा अभिलेख संबंधी कार्रवाई पूरी करनी थी जो अभी तक नहीं की जा सकी है और खनन का कार्य शुरू कर दिया गया।
आरोप दो- खनन में लगे सभी श्रमिकों की सूची और उनका श्रम विभाग में पंजीकरण किया जाना जरूरी है। लेकिन, अब तक ऐसा नहीं किया गया है।
आरोप तीन- मनमर्जी से आवंटित लाट के बाहर अवैध खनन किया जा रहा है।
इस संबंध में एसडीएम कालसी को निर्देशित कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे। समिति द्वारा सभी शर्तों पर अमल करवाना सुनिश्चित किया जाएगा।
झरना कमठान एडीएम वित्त/राजस्व