जियो ने 2019 में भी लगाई बड़ी छलांग (इंफोग्राफिक्स-रोहित झा)
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जियो की शुरुआत सितंबर 2016 में हुई थी। अपने लॉन्च के साथ ही सस्ते डेटा टैरिफ और फ्री वॉयस कॉलिंग के दम पर भारत के भीड़ भरे टेलीकॉम बाजार में जियो ने अपनी जगह बना ली। ये वो दौर था जब एयरटेल नंबर वन की कुर्सी पर काबिज था। वोडाफोन और आइडिया अलग-अलग थे। मोबाइल डेटा की कीमतें, जेब साफ करने की ताकत रखती थीं और मोबाइल के बिल हजारों में आना आम था।
जियो ने इस सूरत को काफी कुछ बदला और सबसे ज्यादा असर डेटा पर ही पड़ा। टेलीकॉम बाजार को खुद के गिरेबान में झांकने की जरूरत पड़ी और धीरे-धीरे काफी कुछ बदल गया। वोडाफोन और आइडिया ने हाथ मिला लिया।
अगस्त 2018 में दोनों औपचारिक तौर पर साथ आए। ग्राहकों की संख्या थी 42 करोड़। लेकिन वोडाफोन-आइडिया के टावर से ग्राहक गिरते रहे और ताजा आंकड़ों के मुताबिक आज कंपनी के पास 32 करोड़ ग्राहक बचे हैं। जबकि जियो अपने ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ा रहा है।
जनवरी 2019 में जियो के पास 28.94 करोड़ ग्राहक थे। बीते 7 महीनों में ही ये संख्या बढ़कर 33.13 करोड़ हो चुकी है और जियो देश का नंबर वन टेलीकॉम सर्विस प्रदाता बन गया है।