घासीपुरा की बस्ती से सटे जंगल में एक मकान को पुलिस ने बुधवार देर रात बदमाशों की सूचना पर घेर लिया। पुलिस ने माइक से बदमाशों को सरेंडर करने की चेतावनी दी। इस बीच मकान के अंदर से फायरिंग शुरू हो गई । कुछ देर बाद गोलियों की आवाज आनी बंद हो गई।
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पुलिस सीढ़ी लगाकर मकान में घुसी तो छत पर लहूलुहान तीन लाशें पड़ी हुई थीं, उनके पास दो पिस्टल और दो तमंचे मिले। वारदात की सूचना पर एसएसपी, डीआईजी और आईजी भी मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन की।
मृतकों में दो की शिनाख्त हो गई है, जिनमें एक बागपत और दूसरा शामली का रहने वाला है। तीसरे को लेकर अभी संशय बना हुआ है। पुलिस का दावा है कि आपसी गोलीबारी में ही यह बदमाश मारे गए है।
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तीनों को सीने पर एक ही जगह गोली मारी गई
Mujaffarnagar
घटना हाईवे पर मंसूरपुर थाने से एक किलोमीटर दूर की है। घासीपुरा गांव निवासी मीना का बस्ती के पास जंगल में एक मकान है। वह खुद दूसरे मकान में रहती है। यह मकान उसने बिहार की एक महिला को किराए पर दे रखा है। बुधवार देर रात पुलिस को इस मकान में संदिग्धों के होने की सूचना मिली।
पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान से गोलियां चलने की आवाज आ रही थी। तत्काल एसएसपी दीपक कुमार, एसपी प्रदीप गुप्ता आसपास के थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। बदमाशों को ललकारते हुए खुद को पुलिस के हवाले करने के लिए कहा गया, इस पर फायरिंग और तेज हो गई। एक बदमाश मकान की छत पर छज्जे की ओर आया भी, लेकिन साथियों ने उसे पीछे खींच लिया। पुलिस ने पोजीशन लेते हुए मकान को चारों ओर से घेर लिया।
इस दौरान रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। काफी देर बाद गोलियों की आवाज आनी बंद हुई तो पुलिस ने हिम्मत दिखाते हुए सीढ़ी लगाकर मकान की छत पर प्रवेश किया। छत पर खूनखराबा हुआ पड़ा था, तीन युवकों की लहूलुहान लाश वहां पड़ी थी, उसके पास ही दो तमंचे और दो पिस्टल पड़ी हुई थी। पुलिस को मौके से तीन मोबाइल फोन मिले हैं, जिनमें एक एंड्रायड फोन है। मकान में एक बाइक भी खड़ी मिली है। बाइक और मोबाइलों को कब्जे में ले लिया गया है।
एसएसपी दीपक कुमार की सूचना पर आईजी अजय आनंद और डीआईजी जेके शाही भी मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन की। मेरठ से पहुंची एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मजिस्ट्रेटी जांच के लिए एसडीएम खतौली ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक बदमाशों के बीच गैंगवार हुई है, जिसमें यह हत्याएं हुईं। इनके साथ कोई चौथा व्यक्ति भी हो सकता है, जो इनकी हत्या कर भाग गया हो। गोलियां नजदीक से मारी गई हैं, इसलिए पुलिस की गोली से मौत होने का सवाल ही नहीं है। एक मृतक की जेब से मिले पैनकार्ड के आधार पर उसकी शिनाख्त सचिन निवासी बदरखा, जिला बागपत हुई। उसकी पहचान के लिए पुलिस टीम उसके गांव बदरखा भेजी गई। इसके अलावा दूसरे मृतक की जेब से मिली आईडी के आधार पर उसकी पहचान गौरव श्योरान पुत्र त्रिलोक निवासी मालेंडी, थाना गढ़ीपुख्ता, शामली के रूप में हुई है। तीसरे युवक को दीपक राठी बताया जा रहा है, लेकिन उसके पते की पुष्टि नहीं हो पाई है।
मकान मालकिन मीना और किराएदार महिला संगीता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। संगीता ने गांव के ही नीरज का नाम लेते हुए बताया कि 11 सितंबर को उसने तीन युवकों को मकान में कमरा किराये पर दिलाया था। नीरज ने इन लड़कों को किसी फैक्ट्री में नौकरी करने की जानकारी दी थी। पुलिस ने नीरज की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उधर, शव लेने के लिए मोर्चरी पहुंचे मृतक गौरव के चाचा अजय ने भतीजे को बड़ौत के कालेज में बीए फाइनल का स्टूडेंट बताया है। उनका कहना है कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उन्हें मारा है। वह इसके लिए कानूनी कार्रवाई करेंगे।
सहारनपुर रेंज के डीआईजी जेके शाही ने घासीपुरा की वारदात को आत्महत्या करार दिया है। शाही के अनुसार पुलिस से घिरने के बाद बदमाशों ने खुद को गोली मार ली। मारे गए बदमाशों में गौरव और सचिन के खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। दीपक की शिनाख्त में पुलिस जुटी है। अगर यह वही दीपक है, जिसकी पुलिस को तलाश है, तो यह भी शातिर अपराधी है।