- जमेनी गांव में पोल से टूटा तार देखते ग्रामी
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बहुआ। खेत में झूलते हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आकर मंगलवार रात मजदूर जंदा जल गया। लटकती लाइन में 12 घंटे तक करंट दौड़ता रहा। इसकी भनक विभाग के कर्मचारियों को नहीं लगी। घटना से ग्रामीणों में नाराजगी है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
ललौली थाना क्षेत्र के मडफा निवासी स्वर्गीय झंडी पाल का बेटा जगरूप उर्फ टिर्रू (40) बड़े भाई रामबाबू पाल के परिवार के साथ रहता था। रामबाबू पाल ने बताया कि जगरूप गांव के अन्य लोगों के खेत में मजदूरी करता था। घर से रात करीब दस बजे जमेनी गांव में खेत जाने को निकला था। ग्रामीणों ने सुबह करीब दस बजे हादसे की सूचना दी। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। जमेनी गांव में खेत से दतौली उपकेंद्र फीडर की हाइटेंशन लाइन गुजरी है। बिजली पोल के बीच एक पोल से तार छूटकर महेंद्र सिंह के खेत में जमीन से थोड़ा ऊपर झूल रहे थे। तारों के पास गुजरते समय भाई की चपेट में आकर जान चली गई। अंधेरे में खेत में गिरे तार को भाई नहीं देख पाया होगा। जिसकी चपेट में आ गया। उसका पूरा शरीर झुलस गया था। घटना देखकर ग्रामीणों ने बिजली सप्लाई बंद कराई। सूचना पर चौकी इंचार्ज मुमताज खान मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से मौत होना बताया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जेई नीलेश मिश्र ने बताया कि शाम को आंधी में इंसुलेटर से तार छूटकर लटकने लगा था। तार टूटा होता तो फाल्ट होने की मशीन में जानकारी मिलती। ग्रामीणों को लटकते तार से भी बिजली की सप्लाई मिली रही थी। शायद इसी वजह से ग्रामीणों को भी तार के लटकने के बारे में पता नहीं लगा होगा। मजदूर के परिजनों के क्लेम करने से विभाग मुआवजा देगा। इसका निर्धारण विभागीय मानकों से किया जाता है।