फैक्ट्री गेट पर हंगामा कर रहे परिजनों को समझाते शहर कोतवाल।
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चौकी दही स्थित एक फैक्ट्री में ठेकेदार के अधीन ट्रैक्टर चला रहे चालक की रविवार देर रात ठंड लगने से हालत बिगड़ गई थी। लोग उसे जिला अस्पताल ला रहे थे, तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। चालक की मौत के बाद ठेकेदार उसके घर शव लेकर पहुंचा और छोड़कर लौट आया। सोमवार सुबह परिजनों ने शव फैक्ट्री गेट पर रख कर मुआवजे की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर दही चौकी इंचार्ज पहुंचे।
परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मामला बढ़ता गया। इसके बाद कोतवाली ने ठेकेदार को बुलाकर मुआवजा देने का दबाव बनाया। ठेकेदार ने चालक के परिजनों को 1.10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की बात कही। तब कहीं जाकर ढाई घंटे बाद हंगामा शांत हुआ।
सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के जटपुरवा निवासी अनीश (40) पुत्र जहांगीर ट्रैक्टर चालक था। अनीश माखी के थाना गांव निवासी मुन्ना ठेकेदार के अधीन ट्रैक्टर चलाता था। वह फैक्ट्रियों से गोबर उठाने का काम करता था। रविवार रात अनीश दही चौकी स्थित रुस्तम फैक्ट्री में गोबर उठाने गया था। गोबर लेकर लौटते समय उसे ठंड लग गई। जानकारी पाकर ठेकेदार अनीश को लेकर जिला अस्पताल आया। यहां दवा दिलाने के बाद वापस घर छोड़ दिया। देर रात अनीश की मौत हो गई।
अनीश की मौत से गुस्साए परिजन सोमवार सुबह शव लेकर रुस्तम फैक्ट्री पहुंचे और गेट पर शव रखकर मुआवजे की मांग की। फैक्ट्री प्रबंध तंत्र ने मुआवजा देने से इंकार कर दिया। इस पर परिजनों का हंगामा किया। जानकारी पाकर चौकी इंचार्ज कुलदीप गौर मौके पर पहुंचे, लेकिन परिजन शांत नहीं हुए। इसके बाद कोतवाल अरविंद सिंह पहुंचे और परिजनों व फैक्ट्री प्रबंधतंत्र से वार्ता की। मामला ठेकेदारी का सामने आने पर ठेकेदार मुन्ना को बुलवाया। मुन्ना के आने के बाद कोतवाल ने मुआवजे का दबाव बनाया तो ठेकेदार ने 1.10 लाख रुपये देने की बात कही। इसके बाद परिजन शांत हुए।