ललितपुर। एसडीएम आत्महत्या प्रकरण में प्रशासन सुसाइड होने के लाख दावे कर ले, लेकिन घटना से जुड़े लोगों का नजरबंद होना और किसी से बात न करने देना घटना को संदिग्ध बना रहा है। पुलिस ने जहां दोनो होमगार्डों को पूछताछ के लिए नजरबंद किया है वहीं रसोइया और ड्राइवर भी अभी सामने नहीं आ रहे हैं।
गौरतलब हो कि रविवार की सुबह केंद्रीय मंत्री उमा भारती के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां से लौटकर सौंरई समेत तीन गांवों में खरीफ की फसल के नुकसान का सर्वे किया और कार्यालय में कुछ देर रुककर दोपहर बाद लगभग ढाई बजे सरकारी आवास पहुंचे। यहां उन्होंने होमगार्ड की रायफल लेकर खुद को गोली मार ली। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सोमवार को दो डॉक्टरों का पैनल बनाकर शव का पोस्टमार्टम किया गया और वीडियोग्राफी करवाई गई। इस दौरान मुरादाबाद से ललितपुर पहुंचे परिजनों को पुलिस प्रशासन ने अपने शिकंजे में रखा और मीडिया से दूरी बनाए रखी। दोपहर बाद उनके शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया और मुरादाबाद के लिए रवाना कर दिया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए एसडीएम के भाई देवेंद्र कांडपाल ने प्रशासन के सहयोग से संतुष्टि जाहिर की थी और जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच की मांग करने की बात कही थी। मंगलवार को मुरादाबाद में मृतक के भाई ने बताया कि उनके भाई की हत्या की गई है और उन्होंने शासन से पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ललितपुर पहुंचने पर घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने मुलाकात नहीं करने दी गई। वहीं पुलिस अधीक्षक ने इन सभी आरोपों से इंकार किया है। वहीं इस मामले के प्रत्यक्षदर्शी दोनो होमगार्ड अभी भी पुलिस की नजरबंदी में हैं। मंगलवार को जब हमारे संवाददाता ने होमगार्ड से बात करने की कोशिश की तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए बात करने से मना कर दिया। सूत्रों से पता चला है कि दोनो होमगार्डों को घटना के बाद से ही पुलिस ने नजर बंद किया है और उन्हें थाने से बाहर कहीं भी नहीं जाने दिया जा रहा है और न ही मिलने दिया जा रहा है। वहीं, मृतक एसडीएम के दो सहायक रसोइया और ड्राइवर भी सामने नहीं आ रहे हैं। एसडीएम को लास्ट कॉल करने वाले लेखपाल का भी सोमवार की रात से मंगलवार की शाम तक नंबर बंद रहा। मंगलवार की देर शाम फोन आने पर बताया कि वह अपने गांव आये थे और नेटवर्क की समस्या होने के कारण बात नहीं हो सकी। घटना से पूर्व उनके साथ मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि फसल के सर्वेक्षण के दौरान वह तनाव में नहीं थे। उन्होंने सौंरई और गंगचारी समेत तीन गांवों में फसल नुकसान का आंकलन किया। इस दौरान जलपान इत्यादि करते हुए सभी से सामान्य रूप से बात भी की। हालांकि गंगचारी गांव में निरीक्षण के दौरान मौजूद बीमा कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि वह जानकारी कर रहे थे। वहीं इस दौरान लेखपाल से उनकी दो बार बात हुई और विभागीय कार्यों से संबंधित चर्चा की।
होमगार्डों को नजर बंद नहीं किया गया है। उनसे कोई भी मिल सकता है। पूछताछ की जा रही है ताकि घटना का कारण पता चल सके। किसी भी सहयोगी को पुलिस ने हिरासत में नहीं लिया गया है। परिजन जब ललितपुर आए थे तो उनसे सभी प्रत्यक्षदर्शियों से मुलाकात करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। वह जो भी आरोप लगा रहे हैं, निराधार हैं। वहीं इस मामले के लिए पुलिस ने एसआईटी टीम का गठन किया है और प्रशासन ने मजिस्टीयल जांच शुरू कर दी है।
डा. ओपी सिंह, पुलिस अधीक्षक