आफीसर्स कालोनी के पीछे और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास गुरुवार को दोपहर 12 बजे एक कैंटर खड़ी थी। जिसके पीछे सामान भरा था और तिरपाल ढंका था। जिसमें मोटर और कीमती सामान थे। तिरपाल के कुछ हिस्से को खोलकर एक सिपाही अंदर से डिब्बे बाहर खड़ी एसओजी की सफेद बोलेरो में रख रहा था। सूचना मिलने पर पत्रकार मौके पर पहुंच गए।
पत्रकारों को देखकर एसओजी के सिपाहियों में भगदड़ मच गई। इस बीच कैंटर और उसे लेकर भागते एक सिपाही के फोटो भी कर लिए गए। पुलिस की बोलेरो लेकर भागे आनन फानन में भागा सिपाही एक पत्रकार को भी रौंद देता, वह बच गया। सवाल यह है कि आखिर लुटेरों से बरामद की गई कैंटर से कौन सा कीमती सामान निकाला जा रहा था। इस संबंध में एसओजी के अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं हैं।
उनका कहना है कि एक घटना का जल्द खुलासा होगा। उसी का सामान है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि लूट के बरामद सामान को पुलिस लूट रही है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. एस चनप्पा का कहना है कि,कैंटर से एसओजी के सिपाही क्या निकालकर अपनी गाड़ी में रख रहे थे, जानकारी की जाएगी। आखिर यह काम चोरी छिपे क्यों कर रहे थे लखनऊ से लौटकर दिखवाउंगा। एसओजी से एक घटना में कुछ बरामदगी की जानकारी जरूर मिली है।