फतेहपुर। फर्जी आईडी का प्रयोग कर फर्जी फर्म बनाने और गैर राज्यों के कारोबारियों को चूना लगाने के मामले में स्पेशल इनवेस्टीगेशन ब्यूरो (एसआईबी) इलाहाबाद की टीम ने जिले के एक शख्स को चिन्हित किया है। उस पर 18 करोड़ रुपये का लोहा मंगाकर तीन करोड़ 24 लाख रुपये जीएसटी की कर चोरी का आरोप है।
जनपद के एक व्यापारी ने फर्जी फर्म बनाकर उससे तकरीबन 18 करोड़ रुपये का सामान मंगा लिया है। माल मंगाने के बाद जब फर्म लापता हो गई तो जीएसटी महकमे में हड़कंप मच गया। मामला कल्यानपुर थानाक्षेत्र के एक गांव का है। गांव के एक मास्टर माइंड ने जाली मोबाइल नंबर, जाली बिजली का बिल, जाली आधार कार्ड और जाली पैन कार्ड सहित अन्य फेक आईडी बनाकर अपनी एक फर्म बनाई। उसी फर्म में उसने झारखंड के झारशिला और छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के लोहा कारोबारियों से 18 करोड़ रुपये का ठोस लोहा और सरिया मंगा लिया। इतनी बड़ी डील में जीएसटी को एक भी रुपये का कर नहीं मिला तो अफसरों के कान खड़े हो गए। पूछताछ बढ़ी तो सामान देने वाली झारखंड और छत्तीसगढ़ की फर्मों ने इसकी शिकायत जीएसटी शिकायत प्रकोष्ठ और एसआईबी में की। जिस पर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए एसआईबी के पांच अधिकारियों की टीम ने संदिग्ध फर्म की तलाश में यहां जिले के कई स्थानों में छापेमारी की।
जांच कर रही एसआईबी टीम को पता चला कि फर्म कल्यानपुर थानाक्षेत्र में किसी व्यक्ति विशेष की है। जीएसटी नियमों के मुताबिक लोहे में 18 प्रतिशत जीएसटी देय है। इस पूरे डील में 3.24 करोड़ रुपये की कर चोरी की गई है।
सहायक आयुक्त जीएसटी प्रशांत अवस्थी से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया मामला संज्ञान में आया है। अभी पूरे प्रकरण की पड़ताल चल रही है। अभी जीएसटी रकम में कुछ और बढ़ोतरी भी हो सकती है। शीघ्र ही खुलासा होने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर कराई जाएगी।