शहर कोतवाली क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुए चर्चा में आए सैक्स रैकेट कांड का संचालन करने के आरोप में जेल में बंद युवती की तहरीर पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म करने और ब्लैकमेल कर वेश्यावृति में धकेलने का मुकदमा दर्ज किया है।
मध्यप्रदेश व हाल ही में नगर के एक मुहल्ले में रहने वाली पीड़िता ने न्यायालय में शिकायती पत्र देकर बताया कि वह घंटाघर के पास स्थित एक मोबाइल की दुकान पर पांच हजार रुपये प्रतिमाह के रूप में काम करती थी। उसकी दुकान पर मुहल्ला पुरानी बजरिया में रहने वाली एक युवती व उसकी मां का आना जाना लगा रहता था, इसके चलते वह उसके मोबाइल फोन का नंबर मांग कर ले गई थी। 28 अप्रैल 2017 की दोपहर युवती व उसकी मां उसकी दुकान पर मोबाइल ठीक कराने के लिए लाई। इस पर उसने उनसे कुछ देर में मोबाइल ले जाने की बात कही। इसके बाद दोनो मां बेटी दुकान पर नहीं आईं और उसे फोन कर घर बुला लिया। उक्त मां बेटी के घर पर पहले से भगवान साहू, अजय साहू व रमेश साहू मौजूद थे। पीड़िता के घर पर पहुंचते ही युवती की मां ने इतने कम मानदेय में गुजारा होने की बात कर उसे ज्यादा पैसे कमाने का झांसा देकर पास में बैठे रमेश साहू को अपना संरक्षक बताते हुए वेश्यावृत्ति के धंधे में आने की बात कही। पीड़िता के मना करने पर आरोपी गाली-गलौज कर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगे। कुछ दिनों के बाद आरोपियों ने उसको षड्यंत्र में फंसाने के लिए एक जाल बुनते हुए उसको फिर एक दिन बुला लिया और उक्त महिला ने कोल्ड ड्रिंक्स में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। इससे वह बेहोश हो गई और इसी का फायदा उठाकर रमेश साहू ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देकर उसका अश्लील वीडियो बना लिया। कुछ दिन बाद आरोपी अजय साहू व भगवत साहू ने उसे घर बुलाकर ब्लैकमैल करते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उनके साथ रहने वाली युवती से देह व्यापार कराते हैं। जब यह जानकारी पीड़िता ने अपने मंगेतर को दी तो उसने अपने मित्र सिपाही आलोक द्विवेदी को दुष्कर्म का उसका वीडियो बनाए जाने की जानकारी दी। इस पर पुलिस कर्मी ने आरोपी रमेश साहू को पकड़ कर पूछताछ की। पीड़िता का कहना है कि आरोपी इसी प्रकार महिलाओं को अपने झांसे में फंसाकर लोगो को ब्लैकमैल करते चले आ रहे हैं। विगत वर्ष 14 मई को नाबालिग युवती से तहरीर दिलाकर आरोपियों को अपने आप का बचाव करते हुए कई आरोपियों को झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसा दिया है। पुलिस से न्याय न मिलता देख पीड़िता को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने, दुष्कर्म व पास्कों सहित देहव्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।