जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में जेल गए आरोपियों ने जेल के अंदर ही भूख हड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि जेल अधीक्षक दयानंद मंडोला ने ऐसी किसी भी बात से इनकार किया है। एक दिन पहले ही वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी के मामले में पेशी पर आए वकील सुदीप कलकल और मनोज दुहन ने 15 मई से जेल में भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी थी।
दोनोें ने पुलिस प्रशासन पर जेल में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। गांव खरावड़ निवासी राकेश ने दावा किया है कि हिंसा के मामले में जेल में बंद उसके भाई सहित अन्य युवकों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं, जेल अधीक्षक का कहना है कि किसी भी बंदी ने भूख हड़ताल नहीं की है। हालांकि दो आरोपियों ने एक दिन पहले भूख हड़ताल की चेतावनी जरूर दी थी।