महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खालपुर में केएमसी महाविद्यालय में कॉमर्स विभाग के एचओडी सुनिल वाघमारे ने महाविद्यालय के प्रधानाचार्य पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है।
पत्र के माध्यम से वाघमरे ने पुलिस को बताया कि प्रधानाचार्य नरेंद्र पवार ने मुझसे कहा कि चूंकि मैं दलित जाति से हूं इसलिए मैं आरक्षण का सहारा लेकर यहां पहुंचा हूं, न कि मेरी काबिलियत की वजह से।
बता दें कि इससे पहले सुनिल वाघमरे पर लोगों की भावनाओं को आहत करने का आरोप लग चुका है। दरअसल उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप पर सवाल पूछा था कि आखिर छत्रपति शिवाजी का जन्मदिन साल में 2 बार क्यों मनाया जाता है।
इसके बाद कॉलेज के छात्रों ने वाघमरे की जमकर पिटाई कर दी थी। पुलिस ने उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा के तहत मामला दर्ज कर हो चुका है।
उल्लेखनीय है कि तिथि की असमंजस के चलते छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती दो बार मनाई जाती है। उनका एक बार जन्मदिन 15 मार्च को मनाया जाता है जबकि कथित तौर पर हिंदू पंचांग की तिथि के अनुसार भी उनका जन्मदिन मनाया जाता है। प्रधानाचार्य पर आरोप लगाने के बाद सुनील फिर से चर्चाओं में आ गए हैं।