भटनी (देवरिया)। नोटबंदी से 20 दिन से बेरोजगारी का सामना कर रहे भाटपाररानी क्षेत्र के एक मजदूर की भूख से मौत की बात सामने आई है। भूख से मौत की जानकारी पर गंभीर हुए जिला प्रशासन ने मृतक के घर की वीडियोग्राफी कराई, जबकि मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
घटना के केंद्र में है मायापुर इमीलिया गांव के अमवा टोला निवासी 40 वर्षीय भगवान दास का परिवार। भगवान दास की पत्नी रब्बी देवी के मुताबिक, रोज मजदूरी का काम पकड़कर घर चलाने वाले पति को 20 दिनों से काम नहीं मिला था। हर जगह नोटबंदी से कामबंदी कह कर लौटाया जा रहा था। रोज की मजदूरी की आमदनी थमने से घर में चार दिनों से चूल्हा नहीं जला था।
आसपास के लोगों से राशन मांगकर सात साल की बेटी रूपा और छह वर्षीय खुशी का पेट भर पा रहे थे। इसी बीच तीन दिन पहले पति की तबीयत बिगड़ गई। घर खर्च लायक रकम नहीं थी तो अस्पताल तक ले जाना भी मुमकिन नहीं हुआ। बुधवार की आधी रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
गांव के कुछ और लोगों ने भी काम नहीं मिलने से कई दिनों से भगवानदास के सामने घर चलाने के संकट और खाने-पीने में मदद देने की बात दोहराई। साथ ही राशन डीलर पर बिना कार्ड राशन से इन्कार करने का आरोप भी लगाया। राशन कार्ड नहीं होने पर व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे।
ऐसा देख तहसीलदार ओपी गोस्वामी ने मृतक के घर पहुंचकर माहौल की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई और उसकी पत्नी के बयान लिए। तहसीलदार के मुताबिक ग्राम प्रधान तारकेश्वर तिवारी ने बताया कि तीन दिन पहले भगवान दास को डिहाइड्रेशन हुआ था। इलाज नहीं मिलना मौत की वजह हो सकती है। पोस्टमार्टम से और स्पष्ट हो जाएगा।