सिकंदराराऊ में सिपाही अरविंद और उमाशंकर को गंभीर रूप से घायल कर भागने में कामयाब रहे चारों आरोपी पशु चोरों को एसओजी और सिकंदराराऊ पुलिस ने बुधवार को कासगंज रोड से मुठभेड़ के बाद दबोच लिया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी गाय-भैंसों की चोरी करने से पहले मौके की अच्छी तरह से रेकी करते थे।
इसके बाद ही योजनाबद्ध तरीके से वह पशुओं को उठाकर ले जाते थे। सिकंदराराऊ में आरोपियों ने बड़ी संख्या में पशुओं की चोरी को अंजाम दिया। आरोपी गायों की चोरी भी करते थे और उन्हें कट्टी के लिए ले जाते थे। चोरी की गई गाय-भैंसों को आरोपी मुरादाबाद और संभल में बेचा करते थे।
मालूम हो कि सोमवार रात को पशु चोरों की सूचना पर पहुंचे दो सिपाहियों की मुठभेड़ चोरों से हो गई थी। चोर सिपाहियों को गंभीर रूप से घायल कर भाग निकले थे। गुरुवार को प्रेसवार्ता में एसपी दिलीप कुमार ने बताया कि चारों आरोपी भीकम सिंह के मकान से भैंस चोरी करने पहुंचे थे।
भीकम सिंह पशु पालन के अलावा गाड़ियों की मरम्मत का काम भी करता था। आरोपी रेकी करने के लिए कई बार उसके सर्विस सेंटर पर गाड़ी सही कराने के बहाने गए थे। एसपी ने बताया कि बहादुर सिपाहियों ने दो आरोपियों को दबोच लिया था जिसके बाद उन पर लोहे की रॉड से हमला किया गया और तमंचे से फायर भी किया गया।
हालांकि किसी सिपाही को गोली नहीं लगी। लोहे की रॉड से किए गए हमले के कारण ही सिपाहियों के सिर में गहरी चोट पहुंची है। गोली लगने की बात गलत है। हालांकि अधिकारी यह नहीं साफ कर सके कि पुलिस को आरोपियों का सुराग कैसे लगा।
पुलिस ने आरोपी सिकंदर पुत्र सर्फुद्दीन, नरेश उर्फ छिंगा पुत्र अमर सिंह, असलम पुत्र चमन निवासीगण शहजाद नगर, नदरई, कासगंज, व ईदुल उर्फ शुशियां पुत्र बाबू निवासी मीरपुर, खुर्जा देहात, बुलंदशहर, हाल निवासी शहजाद नगर, नदरई, कासगंज के पास से वारदात में प्रयुक्त दो तमंचे, दो कारतूस के खोखे, तीन कारतूस, एक लोहे का सब्बल, एक लोहे की रॉड को बरामद किया है। प्रेसवार्ता में एएसपी संसार सिंह और सीओ डीके बालियान भी मौजूद थे।