एनआईए (नेशनल इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी) ने पिछले साल नवंबर में 36 करोड़ रुपये के
पुराने नोट के साथ गिरफ्तार किए गए नौ लोगों को बृहस्पतिवार को छोड़ दिया। उन पर आतंकियों को धन उपलब्ध करने के आरोप लगे थे। जांच में शामिल अधिकारी ने कहा कि उन्होंने यह रकम पुराने नोट बदलने के लिए ली थी। एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए की विशेष अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
एनआईए ने पिछले साल 6 नंवबर को दिल्ली के कनाट प्लेस से 28 कार्टून और चार गाड़ियों के साथ सात लोगों को गिरफ्तार किया था। उसी दिन जम्मू-कश्मीर से भी दो लोगों को पकड़ा था। कार्टून में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट थे। कुल 36.34 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी जब्त की गई थी। जांच एजेंसी ने बुधवार को विशेष अदालत से कहा कि आरोपियों का आतंकियों के पैसे मुहैया कराने से कोई संबंध नहीं है। वे विभिन्न जगहों से प्राप्त पुराने नोट को बदलना चाहते थे। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने पुरानी करेंसी के बदलने की योजना के बारे में कुछ नहीं बताया।