आगरा के डौकी के गांव मेहरा नाहर में मारे गए नाथूराम का आपराधिक रिकार्ड भी रहा है। इसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि बाद में जेल से बाहर आ गए और इसके बाद प्रॉपर्टी डीलिंग में हाथ आजमाया। राजनीति भी साथ-साथ चल रही थी।
सोमवार पांच जून की रात को आगरा के डौकी थाना क्षेत्र के गांव मेहरा नाहर में हुए मर्डर की पुलिस जांच जब आगे बढ़ी तो मृतक और हत्यारोपियों को लेकर कई बातें सामने आईं। पुलिस रिकार्ड में मृतक नाथूराम का आपराधिक रिकार्ड भी मिला।
पुलिस के अनुसार चार साल पहले नाथूराम को आरटीओ बनकर वाहनों से अवैध वसूली करते पकड़ा गया था। वे अपने क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों को रोककर उनसे रूपये वसूल रहे थे। इस आरोप में उन्हें जेल भी भेजा गया। हालांकि वे कुछ समय बाद जेल से बाहर आ गए।
इसके बाद उन्होंने प्रॉपर्टी डीलिंग में हाथ आजमाया और गांव की राजनीति में भी सक्रिय हो गए। फतेहाबाद के गांव नदौता निवासी नाथूराम ने समानता पार्टी से जिला पंचायत का चुनाव भी लड़ा थे लेकिन वह हार गए। इसके बाद नाथूराम कई बार अपना राजनीतिक वजूद बदलते रहे।
लेकिन, एक प्रॉपर्टी डीलर के रूप में नाथूराम की पहचान रही। समर और सुधीर भी उनके साथ ही प्रोपर्टी डीलिंग का काम करते थे। पुलिस के अनुसार समर भी पूर्व प्रधान है। ऐसे में राजनीति और बिजनेस की दोहरी संगति से ही दोनों के बीच दोस्ती हो गई।