मेंहदावल। मौसम परिवर्तन के साथ मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है। मच्छराें के प्रकोप के कारण लोगाें को शाम के समय खुले में बैठना मुश्किल हो जा रहा है। वहीं रात को बिना मच्छरदानी के लोग सो नहीं पा रहे हैं। लोगों ने मच्छरों से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से फागिंग कराने की मांग की।
ग्रामीण इलाकों के गांवों में पिछले कई सत्रों से फागिंग के नाम पर कुछ नहीं है। गांव में सफाई कर्मियों की फौज होने के बाद भी गंदगी का बोलबाला है। गर्मी के मौसम में मच्छरों के आतंक से कई संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा हो जाता है। इसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा रहा है। लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रति ग्राम पंचायत स्वच्छता की मद में भेजे जाने वाले पांच-पांच हजार रुपए का सही उपयोग नहीं हो रहा है। क्षेत्र के छपिया अगंद, कुसौना कलां, बरईपुर, नौगों, करमैनी समेत कछार क्षेत्र के गांवों में बढ़ रहे मच्छरों के प्रकोप से दवा छिड़काव की मांग शुरू हो गई है। क्षेत्र के अजय तिवारी, सतीशचंद्र, मनोज, अमरेश, कमलेश, शिवशंकर आदि ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए दवा छिड़काव कराने की मांग की है।