कोतवाली में सीओ से वार्ता करते विधायक व पूर्व जिलाध्यक्ष
- फोटो : अमर उजाला
रामनवमी के जुलूस में हुए बवाल में मुख्य आरोपी व्यापारी के घर पर बुधवार दोपहर पुलिस ने छापेमारी की। पीड़ितों ने छापेमारी के दौरान पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में सदर विधायक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने कोतवाली का घेराव किया। विधायक और उनके समर्थक मौके पर कोतवाल को बुलाने की मांग पर अड़ गए। करीब दो घंटे तक कोतवाली भाजपाइयों से घिरी रही। एसपी की ओर से मामले की जांच कराने का आश्वासन मिला। इसके बाद मामला शांत हो सका।
बता दें शहर के चौक बाजार में पांच मार्च की रात करीब साढ़े 11 बजे रामनवमी जुलूस खत्म होने वाला था। कुछ झांकिया मुराइनटोला मार्ग पर आनी थी। पुलिस व प्रशासन ने झांकियों को रोका था। इसी बात पर पुलिस और रामभक्तों के बीच बवाल हो गया था। मामले में पुलिस ने लाठी चार्ज किया था। मामले में चौक के व्यापारी सत्यभगवान, सावन गुप्ता, टीचर अंशू सिंह परमार, जीतू हयारण समेत 60 के खिलाफ एफआईआर हुई थी।
इसी मामले में कोतवाल दीपक पांडेय समेत भारी पुलिस बल सत्यभगवान की गिरफ्तारी करने पहुंचा था। आरोपी सत्यभगवान घर में नहीं मिले। फोर्स वापस कोतवाली लौट आई। यह खबर सदर विधायक विक्रम सिंह को मिली। सदर विधायक भारी संख्या में समर्थकों संग दोपहर करीब दो बजे कोतवाली पहुंच गए। विधायक ने खुद को गिरफ्तार करने की बात कही। वहां सीओ सिटी समरबहादुर से जमकर नोकझोंक हुई। विधायक ने आरोप लगाया कि मामले का पटाक्षेप के लिए डीएम और एसपी से बात हो चुकी है। इसके बावजूद भी फोर्स गिरफ्तारी के लिए पहुंचा। कोतवाल दीपक पांडेय को सामने लाया जाए। वह घटना के बारे में जवाबदेह हैं।
पुलिस ने व्यापारी परिवार के साथ गाली गलौज कर अभद्रता की है। पुलिस बल इतनी तादाद में था जैसे किसी माफिया को पकड़ने को पहुंचती है। सीओ सिटी विधायक से बोले कि एसपी के आदेश प र ही कोतवाल पहुंचे थे। विधायक ने बताया कि एसपी से उनकी बातचीत हुई है। उन्होंने गिरफ्तारी के मामले में अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियोें की जांच कराने का आश्वासन दिया है।