जमीन के विवाद में बुधवार रात दो भाइयों व भतीजे ने अपने ही छोटे भाई की धारदार हथियार से हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा है।
बकेवर थाना क्षेत्र के गांव नहरामऊ निवासी स्वर्गीय पंचा निषाद के चार बेटे राम प्रताप, शिव नारायण, राम बिहारी और राम सेवक (33) थे। परिवार की कुल सात बीघा दस बिस्वा जमीन है। पंचा की मौत के बाद उनकी पत्नी चंदा देवी व उसके चारों बेटों में जमीन बंटी थी। राम प्रताप के साथ ही चंदा देवी रहती हैं। चंदा के हिस्से की करीब डेढ़ बीघा जमीन का नवंबर माह में राम प्रताप और शिव नारायण ने बैनामा करा लिया। इसकी खबर रामसेवक और रामबिहारी को मिली। दोनों ने बिंदकी तहसील में दाखिल खारिज रोकने की शिकायत की। बैनामा गलत तरीके से कराए जाने का आरोप लगाया। भाइयों के बीच इसी बात पर तनातनी का माहौल हो गया। कई बार थाने में मामला पहुंचा। आपस में झगड़े हुए। दो बार पुलिस ने शांति भंग में दोनों पक्षों पर कार्रवाई की।
रामसेवक की पत्नी महाबिरिया ने बताया कि बुधवार की रात जेठ शिवनारायण, रामप्रताप व उसका बेटा विश्राम लाठी, कुल्हाड़ी, फरसा लेकर घर आए थे। घर से उसके पति को घसीट ले गए। दरवाजे पर खड़ंजा किनारे गिराकर मारा पीटा। इसी दौरान विश्राम ने कुल्हाड़ी से पति के सिर में प्रहार किया। वह लहूलुहान होकर मौके में बेेेहोश हो गए। उसने यूपी 100 नंबर में पुलिस को सूचना दी। पुलिस, पति को सीएचसी बिंदकी लेकर गई, जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
थानाध्यक्ष चंद्रभान सिंह ने बताया कि महाबिरिया ने अपने जेठ शिवनारायण, राम प्रताप व राम प्रताप के पुत्र विश्राम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
सिर ही हड्डी टूटने से निकल गया दम
बकेवर थाना क्षेत्र में महज डेढ़ बीघा जमीन के विवाद में रिश्तों का कत्ल हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक चोट से उसकी मौत होने की बात सामने आई है। पहले भी कई बार दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और हाथापाई हो चुकी है। इस बार विवाद के दौरान धारदार हथियार का इस्तेमाल हुआ।
थाना क्षेत्र के नहरामऊ गांव में रामसेवक और उसके भाइयों राम प्रताप, शिव नारायण के घरों की दूरी करीब तीन सौ मीटर है। घटना राम सेवक के दरवाजे के पास हुई है। राम प्रताप और शिव नारायण ने मां के हिस्से की जमीन का बैनामा करा लिया था। ग्रामीणों में चर्चा रही कि जमीन के मसले पर रामसेवक ने राम प्रताप और शिव नारायण को घर के सामने निकलते देखकर बातचीत चालू की होगी। अचानक हाथापाई चालू हो गई। शोर होने पर कुल्हाड़ी लेकर रामप्रताप का बेटा विश्राम पहुंचा। उसने चाचा रामसेवक के सिर में कुल्हाड़ी से जोरदार प्रहार किया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में धारदार हथियार से गहरी चोट मिली है। उससे सिर की हड्डी टूटने और मौत होने की पुष्टि हुई है। थानाध्यक्ष चंद्रभान सिंह ने बताया कि फिलहाल परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवाद की शुरुआत के बारे में विवेचना के दौरान स्पष्ट हो सकेगा।