सटोरिये नयन रमेश शाह ने कानपुर ग्रीनपार्क स्टेडियम के कर्मचारी रमेश कुमार को मुंबई में अय्याशी कराने का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था। नयन रमेश शाह ने उसे मोबाइल पर व्हाटसएप के जरिये मुंबई की चार कालगर्लों के फोटोग्राफ्स भेजे थे। इसका खुलासा रमेश कुमार का मोबाइल फोन से हुआ है।
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पुलिस को छानबीन में यह भी पता चला है कि रमेश और सटोरिये नयन रमेश शाह से रिश्ते सालों पुराने हैं। मुंबई में एक मैच के दौरान उसकी मुलाकात रमेश से हुई थी। तब रमेश ने उसे मुंबई के वानखेडे स्टेडियम की पिच की रिपोर्ट नयन रमेश शाह को दी थी। इसके एवज में उसे मोटी रकम मिली थी। इसके बाद से रमेश और नयन रमेश का गठजोड़ मजबूत हो गया था।
एक बार नयन रमेश उसे प्लेन से कानपुर से मुंबई ले गया था। वहां खूब मौज-मस्ती कराई थी। इस बार भी रमेश को पैसों के साथ ही मुंबई में अय्याशी कराने का लालच दिया था। उसे पटाने के लिए नयन रमेश ने मुंबई की स्मार्ट दिखने वाली कालगर्लो के फोटोग्राफ्स भी व्हाटसअप पर भेजी थी। पुलिस नयन रमेश के मोबाइल पर मिले नंबरों के सहारे कालगर्लों का पता लगाने की कोशिश कर रही है ताकि इन कालगर्लों के जरिए नयन रमेश के आईपीएल और भारतीय टीम से जुड़े खिलाड़ियों और प्रबंधन के लोगों से लिंक का पता लगाया जा सके।
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बंटी की पत्नी ने व्हाटसअप पर भेजा तलाक का नोटिस
आईपीएल सट्टेबाजी मामला, पूर्व में गिरफ्तार सट्टेबाज
सटोरिये विकास खंडेलवाल उर्फ बंटी के पत्नी कोमल से रिश्ते अच्छे नहीं है। अजमेर में छानबीन में क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम को पता चला है कि बंटी और कोमल की शादी सामूहिक विवाह समारोह में हुई थी। बंटी के सट्टे के कारोबार और अय्याशी प्रवृत्ति के चलते उसकी पत्नी से नहीं बनती है। इसी वजह से कोमल मायके में रहती है और बंटी अपने ज्यादातर अजमेर और मुंबई व दिल्ली में रहता है। जांच टीम के एक अफसर के मुताबिक कोमल ने बंटी को उसके मोबाइल के व्हाटसअप पर तलाक का नोटिस भेजा है। इसका खुलासा पुलिस ने बंटी के इस मोबाइल को भी कब्जे में लिया है।
गैंगस्टर की तैयारी
10 मई को होटल लैंडमार्क से दबोचे गए सटोरिये नयन रमेश शाह, उसकी साथी विकास चौहान और आईपीएल कर्मी रमेश कुमार पर गैंगस्टर की तैयारी है। एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने बताया कि सटोरियों और रमेश की जमानत का कोर्ट में विरोध किया जाएगा। साथ ही तीनों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को विवेचक नयन रमेश शाह की कस्टडी रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी भी देंगे। नयन रमेश से अभी बहुत से पूछताछ की जानी है।
लौटेगी अजमेर से टीम
अजमेर में बंटी खंडेलवाल पुलिस के हाथ नहीं लगा है। वहां क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से बंटी के भाई अमित, पिता, पत्नी समेत कई करीबियों और मोहल्ले वालों से पूछताछ की है। बंटी के घर से छापेमारी में मिले 50 से ज्यादा मोबाइल फोन, लैपटॉप, कार और अन्य दस्तावेज कब्जे में लेकर टीम अजमेर से कानपुर के लिए चल दी है। अफसरों का कहना है कि पुलिस के रडॉर में आने के बाद शातिर बंटी ने अपने साथ ही रिश्तेदारों और करीबियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ करा दिए हैं। इस वजह से उसकी लोकेशन पता लगाने में दिक्कत हो रही है। अब बंटी के घर से मिले मोबाइलों के नंबर और व्हाटसअप और फेसबुक के जरिए उसके गैंग से जुड़े सटोरियों और खिलाड़ियों के बारे में छानबीन की जाएगी।
कानपुर ग्रीनपार्क के पिच क्यूरेटर इलेक्ट्रीशियन शिव कुमार का तबादला गाजीपुर कर दिया गया। इस बात की पुष्टि खेल डायरेक्टर डा.आरपी सिंह ने की है। बोले, तबादला रुटीन प्रक्रिया है। सट्टेबाजी कांड के कारण तबादला हुआ, इस बात से उन्होंने इनकार किया।
बताते चलें कि होटल लैंडमार्क से पकड़े गए सट्टा गैंग के मास्टर माइंड नयन रमेश शाह ने पिच क्यूरेटर से भी सेटिंग करने की बात कही थी। हालांकि पिच क्यूरेटर ने मना कर दिया था। इसके बाद भी मामला लगातार उछला तो खेल विभाग के अफसर हरकत में आए। इसकेअलावा उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन केअधिकारियों ने भी 9 मई को शिवकुमार की ज्यादा तेजी की शिकायत खेल डायरेक्टर से की थी। तभी माना जा रहा था कि आईपीएल मैचों के बाद निश्चित तौर पर शिवकुमार का स्थानांतरण कर दिया जाएगा।
2004 में हुआ था शिव कुमार का खुलासा
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 20 से 24 नवंबर 2004 तक ग्रीनपार्क स्टेडियम में टेस्ट मैच खेला गया था। इस मैच में पहली बार खुलासा हुआ था कि शिव कुमार इलेक्ट्रीशियन के पद पर ग्रीनपार्क स्टेडियम में तैनात है लेकिन पिच क्यूरेटर का काम करता है। इसका खुलासा अमर उजाला ने ही किया था। इस पर खेल विभाग ने शिवकुमार की जांच कराई थी।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अफसरों से सेटिंग के कारण शिवकुमार पर कार्रवाई नहीं हुई। और तो और यूपीसीए ने उसे बीसीसीआई से पिच क्यूरेटर का कोर्स कराया। पहली बार वह लिखित परीक्षा में फेल हो गया था पर प्रैैक्टिकल में पास हो गया था। दोबारा फिर उसे परीक्षा दिलाई तो वह लिखित में भी पास हो गया। धीरे-धीरे बड़े अधिकारियों की कृपा दृष्टि हुई तो वह बीसीसीआई की सेंट्रल जोन की पिच कमेटी में ले लिया गया पर ग्रीनपार्क में कागजों में आज उसका पद इलेक्ट्रीशियन ही लिखा है।