जिला अस्पताल में दो घंटे तक मरीज को भर्ती न करने और उसकी मौत के बाद शव न देने पर परिवार के लोगों ने हंगामा किया तो डॉक्टरों ने पुलिस बुला ली। पुलिस ने पीड़ितों को बाहर किया तो उन्होंने फोन करके बिथरी चैनपुर विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल को बुला लिया। विधायक करीब घंटा भर अस्पताल में रहे और इस बीच डॉक्टर, सीएमओ और दरोगा तक की क्लास लगा दी। इसके बाद शव को बिना पोस्टमार्टम शव वाहन से गांव भिजवा दिया।
रात साढ़े 11 बजे देवचरा निवासी सोहनलाल (45) की जिला अस्पताल में मौत हो गई। उनके पुत्र वीरेश ने बताया कि पिता को तीन दिन से बुखार था। उन्हें आला हजरत अस्पताल में भर्ती कराया तो दिमागी बुखार बताया गया। उन पर इलाज को रुपये नहीं बचे तो वह सोमवार रात सात बजे पिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां किसी ने उनके पिता का इलाज तो दूर, देखा तक नहीं। उन्होंने सीएमओ का नंबर मांगा तो वह भी नहीं दिया। बमुश्किल रात नौ बजे पिता को भर्ती किया गया तो इलाज में हीलाहवाली की। ऐसे में पिता की मौत हो गई। उन्होंने शव मांगा तो डॉक्टर ने पुलिस केस बताकर मना कर दिया। उन्होंने जिद की तो डॉक्टर ने फोन करके कुतुबखाना चौकी प्रभारी प्रेमपाल वार्ष्णेय को बुला लिया। वार्ष्णेय ने उन्हें गालियां देते हुए कक्ष से भगा दिया। मजबूरी में उन्होंने विधायक पप्पू भरतौल को फोन किया। रात 12 बजे अस्पताल पहुंचे विधायक ने डॉक्टर और स्टाफ को जमकर लताड़ा। फिर सीएमओ और सीएमएस के साथ ही दरोगा को बुलाने की बात कहते हुए इमरजेंसी में ही बैठ गए। इस बीच अस्पताल में काफी भीड़ लग गई। दूसरे तीमारदार भी विधायक को अपनी परेशानी बताने लगे। दरोगा प्रेमपाल आए तो विधायक से पहले सोहनलाल के परिवारीजन उन पर सवार हो गए। दरोगा ने विधायक को बताया कि उन्होंने केवल व्यवस्था बनाने के लिए इन लोगों को बाहर किया था। विधायक ने सीएमओ और सीएमएस की भी क्लास ली। रात सवा बजे शव भेज दिया गया।
सीएमओ-सीएमएस से कहा, दुकान खोल लो
विधायक इस बात से नाराज दिखे कि घंटे भर में सीएमओ और सीएमएस नहीं आ सके। उन्होंने स्टाफ से कई बार पूछा कि आखिर ये लोग कितनी दूर रहते हैं। अधिकारियों के आते ही विधायक ने उन्हें उनकी ड्यूटी याद दिलाई। कहा कि डेढ़ लाख रुपये तनख्वाह मिलती है तो भी आप लोग काम नहीं करते। आपसे तो प्राइमरी से टीचर अच्छे हैं। आप लोगों को नौकरी छोड़कर अस्पताल या दुकान खोल लेनी चाहिए। अधिकारी सर-सर करके उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे।
डॉक्टर बोले, ब्रेन ट्यूमर से हुई मौत
ड्यूटी पर मौजूद डॉ. हरीश चंद्रा ने बताया कि मरीज को नौ बजे लाया गया और तभी उसे भर्ती कर लिया गया। मरीज को ब्रेन ट्यूमर था और आला हजरत अस्पताल से उन्हें ले जाने को कह दिया गया था। मरीज की स्थिति काफी खराब थी, जिसके बारे में तीमारदारों को बता दिया था।