आबूनगर नई बस्ती में खूनी संघर्ष के दूसरे दिन सुबह से ही भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। भीड़ बढ़ती देख प्रशासन की धड़कने घटती-बढ़ती रहीं। शहर में हाई अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। पुलिस जल्द से जल्द शव का अंतिम संस्कार करने के प्रयास में परिजनों को मनाने में जुटी रही। स्थितियों को देखते हुए एसडीएम सदर अवनीश राय, सीओ सिटी केडी मिश्र पल-पल की जानकारी अफसरों को देते रहे। सही सलामत अंतिम संस्कार हो जाने पर अफसरों ने राहत की सांस ली। इलाके में तनाव को देखते ही भारी संख्या में फोर्स तैनात है। सीओ व थानेदार को खुद राउंड पर रहकर छोटी-बड़ी हर सूचना अफसरों से साझा कर रहे हैं।
आबूनगर नई बस्ती में हत्या और आगजनी के बाद शहर में हाई अलर्ट की स्थिति बनी है। प्रमुख बाजार चौक में आरआरएफ, पीएसी और पुलिस के जवान गश्त कर कर रहे हैं। कुछ लोग तो भयवश शाम सात बजे से दुकानें बंद करने लगते हैं। रात आठ बजे के बाद पुलिस दुकानें बंद करा रही है।
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बाग के बहाने आठ बीघा पर कब्जे का लालच
फतेहपुर। घटना का एक कारण नगर पालिका की तीन बीघा जमीन और दो बीघा कब्रिस्तान जमीन भी है। आमतौर पर इसे सरकारी जमीन मानकर आसपास रहने वाले लोग कब्जा कर लेते हैं। इन्हीं दो जमीनों से सटी हुई वह विवादित बाग की जमीन करीब दो से तीन बीघा है, जहां रविवार को हिंसा हुई। बताते हैं कि प्रापर्टी कारोबारी का एक पक्ष इस जमीन पर दावेदारी करता है। वह इसे एग्रीमेंट हुई जमीन बताता है। चर्चा है कि इस बाग की जमीन को कराची में रहने वाले एक परिवार ने कस्टोडियन में दे दिया था। अब कहा जा रहा है कि बाग के बहाने प्रापर्टी कारोबारी आठ बीघे जमीन पर काबिज होने और प्लाटिंग करने की योजना बना रहा था। समर्थकों की भीड़ के सहारे प्रापर्टी कारोबारी ने डरा धमकाकर जमीन पर कब्जा लेने का प्रयास किया था, लेकिन गोली से अधेड़ की मौत ने खेल बिगाड़ दिया।
आबूनगर चौकी पीएसी कैंप में तब्दील
फतेहपुर। आबूनगर नई बस्ती में घटना के बाद लोगों में आबूनगर चौकी पुलिस के प्रति खासा आक्रोश है। एलआईयू की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने आबूनगर पुलिस चौकी को पीएसी कैंप में बदल दिया है। यहां पर दो गाड़ी पीएसी और कई थानों की पुलिस मुस्तैद है।
संगीनों के साए में अंतिम संस्कार
फतेहपुर। आबूनगर नई बस्ती में ईदगाह के पीछे संगीनों के के साए में सोमवार की दोपहर शव का अंतिम संस्कार किया गया। भारी भीड़ के बीच इकलौते बेटे सत्येंद्र ने पिता को मुखाग्नि दी। शव यात्रा में आगे-आगे भारी पुलिस बल चल रहा था और पीछे लोग शव को कंधा दे रहे थे। इसके बाद शव यात्रा में भीड़ चल रही थी।
आरोपियों पर होगी कड़ी कार्रवाई-विधायक
फतेहपुर। सदर विधायक विक्रम सिंह ने कहा कि ऐसी घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। उनकी सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। सीएम ने तत्काल 20 लाख की आर्थिक मदद का ऐलान कर दिया है। दो तीन दिन में चेक आ जाएगा। वह स्वयं पीड़ित परिवार को देने आएंगे। आरोपी किसी भी जाति धर्म के हों उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
कानून नाम की कोई चीज नहीं- पूर्व सांसद
फतेहपुर। सपा के पूर्व सांसद राकेश सचान ने प्रदेश सरकार से दी गई आर्थिक मदद को नाकाफी बताया। कहा कि भाजपा सरकार में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है। माफिया और पूंजीपतियों का साम्राज्य है। गरीब किसान को सरेआम गोली मारकर आरोपियों ने गुंडई का प्रदर्शन किया है। ऐसे लोगों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसा न करने पर उनकी पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी।
गिरफ्तारी के लिए सात टीमें गठित
फतेहपुर। आईजी के निर्देश पर एसपी राहुल राज ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सात टीमें बनाई हैं। सीओ सिटी केडी मिश्रा ने बताया कि हुसैनगंज, थरियांव, असोथर, गाजीपुर, मलवां, सदर कोतवाल और क्राइमब्रांच की अलग टीमें गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।
आबूनगर चौकी इंचार्ज पर बिफरे एसपी
फतेहपुर। एसपी राहुल राज गलत सूचना देने पर आबूनगर चौकी इंचार्ज इजहार अहमद पर भड़क उठेे। हुआ यूं कि एसपी ने आबूनगर चौकी इंचार्ज से चिता में आग लगने की सूचना मांगी। उस दौरान चिता में आग नहीं लगी थी, लेकिन चौकी इंचार्ज ने आग लगने की सूचना दे दी। क्रास चेकिंग में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में गलत सूचना देने पर एसपी ने चौकी इंचार्ज को जमकर फटकार लगाई।
लेखपालों के खिलाफ जांच बैठी
फतेहपुर। डीएम कुमार प्रशांत का कहना है कि लेखपालों के खिलाफ जांच बैठाई गई है। तहसीलदार जेपी पांडेय को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच में दोषी पाए जाने पर लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चेक आते ही दे दिया जाएगा।