गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह और उसके साथियों को हरियाणा व पंजाब में पनाह देने में अहम भूमिका निभाने वाले अरुण उर्फ सन्नी को पुलिस विभाग के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अरुण कुमार उर्फ सन्नी, निवासी गांव भलाण, तहसील नंगल जिला रूपनगर को गांव से ही गिरफ्तार किया गया। वह दिलप्रीत का पुराना दोस्त है। वह एक हत्या के मामले में इन दिनों जमानत पर है। पुलिस ने उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया।
अदालत में उसका रिमांड लेने के लिए पुलिस ने तर्क दिया कि जब दिलप्रीत को पनाह देने वाली महिलाओं को पकड़ा गया था तो उनके घर से काफी मात्रा में हेरोइन व अन्य सामान बरामद हुआ था। ऐसे में अरुण के घर और हरियाणा वाले कमरे की तलाशी लेनी है। वहां पर नशीला पदार्थ या हथियार मिलने की संभावना है। इसके अलावा महिलाओं और आरोपी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है।
पुलिस ने आरोपी का सात दिन का रिमांड मांगा, अदालत ने तीन दिन का रिमांड दिया है। अब उसे 16 को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ में कई अहम राज खुलेंगे।
ऐसे लगी आरोपी की भनक
कुछ दिन पहले गैंगस्टर दिलप्रीत के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसकी दो महिला साथियों रूपिंदर कौर निवासी चंडीगढ़ और हरप्रीत कौर निवासी नवांशहर को गिरफ्तार किया था। इस दौरान महिलाओं ने पूछताछ में बताया कि आरोपी को उनके अलावा अरुण उर्फ सन्नी भी पनाह देने का काम करता है। इसके बाद पुलिस की टीम आरोपी को गिरफ्तार करने में जुट गई थी।
जेल में ही दिलप्रीत से हुई थी मुलाकात
पता चला है कि आरोपी 2010 में हत्या के मामले में जेल गया था। इस बीच 2011 में जेल में ही गैंगस्टर दिलप्रीत से उसकी मुलाकात हुई थी। 2015 में अरुण कुमार उर्फ सन्नी जमानत पर बाहर आया था। 2018 में वह दिलप्रीत संपर्क में आ गया। इसके बाद वह उसे और उसके साथियों को पनाह देने लगा था।
इन गैंगस्टरों को ठहराने का किया इंतजाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गैंगस्टर दिलप्रीत ही नहीं बल्कि उसके दोस्तों रिंदा, आकाश और अन्य दोस्तों को भी ठहराने का इंतजाम करता रहा है। सन्नी सड़क बनाने वाली कंपनी में ग्रेडर मशीन ऑपरेटर का काम हरियाणा में करता है। वह यमुनानगर के गांव खुर्दी में कमरा लेकर रहता था। यहीं पर वह गैंगस्टर व उसके अन्य साथियों को ठहराने का इंतजाम करता था।
हरियाणा से दिलप्रीत लाता था अफीम
सन्नी ने पूछताछ में बताया कि गैंगस्टर दिलप्रीत राजस्थान से अफीम लाकर बेचता था। वह भी उसके साथ कई बार अफीम लेने राजस्थान गया था। उसने बताया कि राजस्थान में कई अफीम बेचने वालों से उसने दिलप्रीत का संपर्क करवाया था। जो उसके जेल में दोस्त बने थे। उसे पता था कि आजकल दिलप्रीत हेरोइन का सेवन कर रहा है और अफीम का नशा छोड़ चुका है।
क्रशर वाला था निशाना, पहले ही पकड़ा गया दिलप्रीत
आरोपी ने बताया कि उसके माध्यम से दिलप्रीत ने नंगल के क्रशर कारोबारियों से फिरौती लेने की योजना बनाई थी, जिसमें वह सफल नहीं हो पाया। योजना को अंजाम देने से पहले ही दिलप्रीत को पुलिस ने काबू कर लिया।
दिलप्रीत को दिया था डोंगल व कार
आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि उसने आरोपी दिलप्रीत को एक डोंगल और फोन लाकर दिया था। इसके अलावा उसे अपनी स्कॉर्पियो भी इस्तेमाल करने के लिए दी थी। पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है।
जज ने आरोपी से पूछे यह सवाल
आरोपी सन्नी को जब अदालत में पेश किया गया तो उससे जज ने पूछा कि क्या उसके घरवालों को पता है कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस पर आरोपी ने हां में जवाब दिया। इसके बाद उससे पूछा गया कि क्या उसे पंजाबी आती है। इसका जवाब भी उसने हां में दिया। इसके बाद उससे जज ने पूछा कि क्या उसे सरकारी वकील मुहैया करवाया जाए। इस पर आरोपी ने न में जवाब दिया। साथ ही कहा कि वह प्राइवेट वकील करेगा।