‘मैं तारा सिंह का पुत्र हूं, मुझे बचा लो, दो लड़के थे एक ने मेरे ऊपर तेल डाला और दूसरे ने लाइटर से आग लगा दी।’ ये शब्द 15 वर्षीय किशोर दिनेश के हैं जो बेहोश होने से पहले पड़ोस में रहने वाले भारत बिष्ट से उसने कहे।
इसके बाद अस्पताल में उपचार के दौरान दिनेश की मौत हो गई। पुलिस शुक्रवार को दिनभर घटनास्थल पर वारदात का सुबूत तलाशने में जुटी रही। दिनेश के मरने से पहले दिए गए बयानों से भी हत्या की वजह और आरोपियों की पहचान उजागर नहीं हुई है। परिजनों के रंजिश और किसी के ऊपर शक की बात इनकार करने से पुलिस की मुश्किल बढ़ गई है। इधर देर शाम पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर दो अज्ञात युवकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शुक्रवार सुबह पुलिस क्षेत्राधिकारी वीर सिंह, कोतवाल नारायण सिंह के नेतृत्व में ताड़ीखेत चौकी प्रभारी एसआई एसएस रिंगवाल सुबह ही क्राइम स्पॉट पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रोड के नीचे जिस स्थान पर दिनेश जली हुई अवस्था में मिला था और उस खंडहर की भी तलाशी ली, जहां उसकी चप्पल और केरोसिन की बोतल बरामद हुई। पुलिस टीम ने पूरा खंडहर खंगाला। खंडहर में बीड़ी, सिगरेट के कई टुकड़े बरामद हुए। पुलिस ने मृतक के घर जाकर पिता तारा सिंह बिष्ट और माता भावना बिष्ट से भी अलग-अलग बातचीत की। पिता तारा सिंह ने बताया कि पहली पत्नी निधन होने के बाद उन्होंने दूसरा विवाह किया था। पहली पत्नी से दो बेटे हैं, पहला संदीप दूसरा दिनेश। वहीं दूसरी पत्नी से एक बेटा है। इधर कोतवाल नारायण सिंह ने बताया कि देर शाम परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना की हर स्तर पर जांच की जाएगी।
किसी तरह के क्लेश से इनकार
परिजनों ने किसी तरह के क्लेश से इनकार किया। मां ने बताया कि कभी भी किसी तरह के विवाद की शिकायत दिनेश के बारे में नहीं आती थी। घर पर माता-पिता के अलावा तीन भाई और मां की एक छोटी बहन रहती हैं। उन्होंने बताया कि पांच बजे दिनेश दौड़ने निकला, साढ़े पांच बजे घटना की खबर ही आई। उन्होंने बताया कि कभी कभार दिनेश के साथ उसके मित्र भी जाते थे, लेकिन घटना के दिन वह अकेले ही चला गया।
माता, पिता बोले किसी पर नहीं है शक
दिनेश की संदिग्ध हालात में मौत के चलते पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। मृतक के पिता तारा सिंह और माता भावना बिष्ट ने बताया कि उन्हें किसी पर भी शक नहीं है। 11 जुलाई को वह पेट में दर्द के चलते स्कूल नहीं गया। शाम को उसने माइक्रोनी बनाने को कहा था। उसका किसी से कोई भी लेना देना तक नहीं था। हमारे पुत्र का इतना बड़ा दुश्मन कौन है, इसका खुलासा होना भी जरूरी है।
गुत्थी सुलझाने में मददगार साबित हो सकता है मोबाइल फोन
रहस्य बनी दिनेश बिष्ट की मौत की गुत्थी उसके मोबाइल फोन से सुलझ सकती है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। मृतक के पिता तारा सिंह बिष्ट ने बताया कि घटना से पूर्व दिनेश ने किससे बात की, उन्हें इसकी भी जानकारी नहीं है। पुलिस को मोबाइल फोन दे दिया गया है। पुलिस यदि काल डिटेल खंगाले तो इससे मौत की गुत्थी सुलझ सकती है।
किशोर की संदिग्ध मौत से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
पहाड़ की शांत वादियों में ऐसी आपराधिक गतिविधियां भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। दिनेश की संदिग्ध मौत और उसके बयान से हत्यारों के प्रति ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मृतक दिनेश के घर पहुंचे ग्रामीणों में भय और दहशत व्याप्त थी। कहा कि हमारे भी बच्चे हैं, इस तरह से कोई भी आकर अपराध कर देगा, भावी पीढ़ी का क्या होगा। पुलिस को घटना का खुलासा करना चाहिए। इसमें मीडिया का भी रोल अहम है।
साहब यही पर मिला था झुलसी हालत में दिनेश
पास ही रहने वाले भारत बिष्ट ने सबसे पहले दिनेश को सड़क के नीचे झुलसी हालत में दिनेश को देखा। वह उंगली से इशारा करते हुए बताते हैं कि साहब यही स्थान है जहां पर दिनेश सड़क से नीचे कूदा था। जब पूछा कि कौन हो, तो उसने बताया कि मैं तारा सिंह का पुत्र हूं, मुझे बचा लो, दो लड़के थे एक ने मेरे ऊपर तेल डाला और दूसरे ने लाइटर से आग लगा दी। इसके बाद भारत सिंह ने परिजनों को घटना की सूचना दी।
गमगीन माहौल में हुई दिनेश की अंत्येष्टि
ताड़ीखेत के सौनी में संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से जान गंवा चुके 15 वर्षीय दिनेश बिष्ट की शुक्रवार को पैतृक श्मशान घाट में गमगीन माहौल में अंत्येष्टि की गई। दर्जनों ग्रामीणों ने उसे नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी। बृहस्पतिवार को दिनेश संदिग्ध हालत में जला मिला और बाद में हल्द्वानी ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई थी। इस घटना से सौनी क्षेत्र गम में डूबा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, रानीखेत के विधायक करन माहरा ने घटना पर गहरी संवेदना जताई। जीडी बिड़ला स्कूल के शिक्षकों और अन्य स्टाफ भी दिनेश के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। शिक्षकों ने कहा कि दिनेश पढ़ाई में काफी होनहार था।
पुलिस की पड़ताल के बिंदु
- दिनेश सड़क पर दौड लगता था तो उसकी चप्पल सड़क के ऊपर प्राथमिक विद्यालय के पुराने खंडहर के पास कैसे पहुंची?
- वहां पर केरोसिन बोतल किसने रखी?
- दिनेश को जबरन प्राथमिक विद्यालय के पुराने खंडहर लाया गया या वह खुद आया था?
- अज्ञात हत्यारों को किसी ने आते-जाते देखा कि नहीं?