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इस तरह हुई गैंगस्टर दिलप्रीत के खौफ की शुरूआत, सबसे ज्यादा इस शहर ने ली राहत की सांस

Mon, 09 Jul 2018 06:44 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोपड़ (पंजाब)
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गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह बाबा
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पंजाब समेत चंडीगढ़ और कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्दी बने रोपड़ के गांव ढाहां वासी दिलप्रीत सिंह बाबा के पकड़े जाने के बाद रोपड़ पुलिस ने सुख की सांस ली है। पुलिस को शक था कि दिलप्रीत सिंह गांव ढाडी में रह रही अपनी मां और अन्य परिजनों से मिलने आ सकता है। पुलिस की सख्ती के कारण ही दिलप्रीत अपने पिता की मौत पर भी घर नहीं आ सका था। 
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नूरपुरबेदी इलाके समेत कई क्षेत्रों में पुलिस की पक्की नाकाबंदी दिलप्रीत के कारण की गई थी। पिछले दिनों दिलप्रीत द्वारा जिला के क्रशर व्यापारी से फिरौती मांगे जाने के मामले के बाद पुलिस और सतर्क हो गई थी। दिलप्रीत पर मामला दर्ज करने के अलावा पुलिस ने उसके संपर्क में रहने वाले कुछ लोगों को भी पकड़ा था। उसके निशाने पर रहने वाले जिले के कुछ लोगों को पुलिस द्वारा सुरक्षा भी दी गई।

पिछले दिनों विधायक संदोआ पर हमला करने के आरोपी अजविंदर सिंह और गैंगस्टर पिंदरी को भी दिलप्रीत बाबा के डर से पुलिस द्वारा सुरक्षा दी गई थी जबकि इसके अलावा कुछ और लोगों को भी पुलिस द्वारा सुरक्षा दी गई। 
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पंजाब के अलग-अलग जिलों में दर्ज हैं 25 मामले 

घटनास्थल पर मौजूद पुलिस
दिलप्रीत सिंह बाबा के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग जिलों में लगभग 25 मामले दर्ज हैं और यह पुलिस रिकार्ड में ए-कैटेगरी का गैंगस्टर है। दिलप्रीत पर कत्ल समेत इरादा-ए-कत्ल, लूट, एनडीपीसी एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। दिलप्रीत पर सबसे पहले 11 मई 2011 को लड़ाई-झगड़े का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद 10 मई 2012 को इरादा-ए-कत्ल का मामला दर्ज हुआ। 11 नवंबर 2016 को कत्ल का मामला दर्ज हुआ।

दिलप्रीत पर अब तक कत्ल के चार मामले दर्ज हुए हैं जबकि इरादा-ए-कत्ल के आठ मामले दर्ज हैं। इसके अलावा लूट, एनडीपीसी एक्ट समेत लड़ाई-झगड़े के लगभग 25 केस दर्ज हैं। दिलप्रीत पर जिला रोपड़ में सबसे ज्यादा मामले दर्ज है जबकि जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर, पटियाला, खन्ना और चंडीगढ़ में भी कई मामले दर्ज हैं।
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घटनास्थल पर बरामद हथियार
 दिलप्रीत सिंह बाबा की मां सुरिंदर कौर ने कहा कि दिलप्रीत पुलिस के पास पेश हुआ है। वह पेश होना चाहता था लेकिन पुलिस ने जानबूझ कर यह मामला बनाया है। सुरिंदर कौर अपने पति ओंकार सिंह की मौत के बाद अपने मायके गांव ढाडी में रह रही है। सुरिंदर कौर ने पुलिस से अपील की है कि उनके बेटे दिलप्रीत को न तो गोली मारी जाए और न ही उस पर नाजायज केस डाले जाएं।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों में दिलप्रीत द्वारा फिरौती मांगने की सामने आई बातें झूठी हैं और इसकी जांच की जाए। उन्हें टीवी पर खबर देख कर दिलप्रीत के पकड़े जाने की सूचना मिली। दिलप्रीत की बहन रमनप्रीत कौर ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि उसके साथ कुछ गलत न किया जाए। गांव ढाडी में पत्रकारों से बात करने के बाद वे अपने परिजनों के साथ दिलप्रीत को देखने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ चली गई। 
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