कस्बे में तैनात पुलिस फोर्स। अमर उजाला
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मोबाइल दुकान में चोरी के खुलासे में जेल जाने के बाद पत्नी ने सदमे में दम तोड़ दिया था। इसके बाद परिजनों ने कोतवाली के बाहर शव रखकर हंगामा किया था और जमानत की मांग की थी। लेकिन न्यायालय से पैरोल व जमानत न मिलने पर हंगामे की संभावना थी, इसलिए महिला के अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस व पीएसी तैनात रही। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच महिला का अंतिम क्रिया किया गया।
बिधूना में हिमांशु मोबाइल सेंटर पर चोरों ने लाखों का माल पार कर दिया था। इस मामले में कोतवाल बिधूना ने गांव दलेलनगर निवासी तारिक पुत्र हबीब को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो गई। इस मामले में पुलिस ने तारिक को भी आरोपी बनाया। रविवार को एसपी ने पूरे मामले का खुलासा किया। तारिक के जेल जाते ही उसकी पत्नी रखसार (24) ने सदमे में दम तोड़ दिया। इस पर परिजनों ने कोतवाली औरैया में शव रखकर आरोपी के पैरोल की मांग की थी।
पुलिस ने आश्वासन देकर परिजनों को वापस भेजा, लेकिन न्यायालय ने पैरोल अस्वीकार कर दी। इस कारण पुलिस को आशंका थी कि परिजन फिर हंगामा कर सकते है। इस कारण गांव में पुलिस तैनात की गई। सीओ लालता प्रसाद, कोतवाल जितेंद्र मय पीएसी के गांव पहुंचे और सुबह से शाम तक फोर्स डेरा डाले रही। शाम करीब चार बजे अंतिम संस्कार के बाद प्रशासनिक अमले ने राहत की सांस ली। शाम को पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मो. इरशाद ने दलेलनगर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।