प्रदेश में सेना की भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। सेना में भर्ती होने वाले 85 संदेह के घेरे में आने के बाद जांच शुरू हुई तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया। सेना व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जांच में सामने आया कि कागजों में चल रहे स्कूलों से शैक्षिक प्रमाण पत्र बनवाने के बाद युवक सेना में भर्ती हो गए। वहीं, किसी ने फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे अपनी उम्र कम दिखा दी तो किसी के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र यूपी से बन गए। सेना के अधिकारियों की पहली जांच में फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो चुका है, लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है। इस फर्जीवाड़े में हर जिले के कई स्कूल शामिल हैं तो सोनीपत के भी तीन स्कूलों से फर्जीवाड़ा होने की बात सामने आई है। इसकी जांच के लिए ही अंबाला कैंट के अधिकारी डीईओ कार्यालय में पहुंचे थे।
सेना में भर्ती के दौरान फर्जीवाड़े के मामले पहले भी सामने आए हैं, लेकिन जितने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा इस बार होने की बात कही जा रही है। शक होने पर 85 युवाओं के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कराई गई। इस मामले में जांच करने पहुंचे अंबाला कैंट के भर्ती कार्यालय के मेजर रैंक के अधिकारी ने बताया कि उनके पास 85 उन युवाओं के प्रमाण पत्रों की जांच है, जिनके फर्जी होने का शक हुआ। वह कई जिलों में जांच करने जा चुके हैं, जिसके लिए डीसी व डीईओ से मुलाकात करके जांच शुरू कराई जाती है। उनके अनुसार, जिन स्कूलों के प्रमाण पत्र भर्ती के लिए लगाए गए, उनमें से कई स्कूल केवल कागजों में चल रहे हैं।
इसके अलावा किसी ने अपनी उम्र कम करने के लिए अपने जिलों से दूर जिले में स्थित स्कूल से प्रमाण पत्र बनवा लिए। ऐसे भी मामले आए हैं, जिनमें पहले भर्ती के लिए आने पर अलग प्रमाण पत्र दिए गए तो अगली भर्ती में दूसरे प्रमाण पत्र दिए गए। यह पूरा डाटा एकत्र करने के लिए ही प्रदेश के सभी जिलों के अलावा यूपी तक भी अधिकारी जा रहे हैं। इसके लिए ही सेना के अधिकारी सोनीपत डीईओ कार्यालय में पहुंचे थे और यहां के स्कूलों से बने प्रमाण पत्र भी दिखाए गए। उनकी प्राथमिक जांच करने पर पता चला कि प्रमाण-पत्र पूरी तरह से फर्जी हैं। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि अभी मामले की जांच चल रही है और उनकी ओर से सभी की जांच करने के बाद सबूत के साथ रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
चार जोन में हुई थी भर्ती
सोनीपत में जांच करने आए अधिकारी ने बताया कि सेना की भर्ती प्रदेश के चार जोन में होती है। इनमें अंबाला, हिसार, रोहतक, चरखी-दादरी शामिल हैं और इन सभी जोन में भर्ती होने के बाद जिनके प्रमाण पत्रों पर शक हुआ। उन सभी की जांच शुरू कर दी गई है, जिससे उनके प्रमाण पत्रों की सच्चाई सामने आए। यह जांच अभी लंबी चल सकती है, जिससे पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ सके।
अंबाला से सेना के अधिकारी जांच करने के लिए आए थे। सेना में भर्ती के दौरान कुछ प्रमाण पत्र फर्जी लगा दिए गए हैं और उनकी ही जांच चल रही है। सोनीपत के स्कूल से भी प्रमाण पत्र बनाए गए हैं, जिनकी जांच के लिए सेना के अधिकारी फिर से आएंगे। -जिले सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी