चौबिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेस वे पर मंगलवार की रात को गांव खडै़ता के पास गुरुग्राम से बिहार के मधुवनी के लिए जा रही सवारियों से भरी एक प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। हादसे में बस में सवार एक बच्ची की मौत हो गई, 62 लोग घायल हो गए। घायलों को सैफई के मिनी पीजीआई में भर्ती कराया, जहां पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की वजह बस चालक को झपकी आना बताई जा रही है।
बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई लोग गुरुग्राम में नौकरी करते हैं। वे दीपावली का त्योहार मनाने के लिए घर जा रहे थे। इसके लिए उन्हाेंने गुरुग्राम के शंभूनाथ ट्रैवल्स की बस को किराये पर ली थी। मंगलवार की शाम को करीब 130 लोग बस में सवार होकर रवाना हुए। रात करीब एक बजे जब बस चौबिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव खड़ैता के पास पहुंची तभी चालक को झपकी आ गई और बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। बस के पलटने पर सवारियों में चीख पुकार मच गई। हादसे की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लोगों की मदद से बस में फंसी सवारियों को बाहर निकलवाया। पुलिस ने घायल 62 सवारियों को एंबुलेंस की मदद से सैफई के मिनी पीजीआई में भर्ती कराया। इसमें पांच लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।
इस हादसे में बस में सवार पांच माह की मीनाक्षी पुत्री सरोज कुमार निवासी रिकटौर थाना कुटैना जिला मधुवनी बिहार की मौत हो गई, जबकि उसके पिता सरोज व मां रूबी भी घायल हो हैं। दोनाें का मिनी पीजीआई में इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि बस में सवार सभी यात्रियों के चोटें आई हैं। सीओ सैफई निर्मल चंद्र विष्ट ने बताया कि हादसा चालक को झपकी आने के कारण हुआ, जिसमें एक पांच माह की बच्ची की मौत हो गई। 62 अन्य लोग घायल हुए हैं। जिन्हें मिनी पीजीआई में भर्ती कराया गया है। बस चालक मौके से भाग गया। जबकि क्षतिग्रस्त बस को फिलहाल हाईवे के किनारे कर दिया गया है। ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सके।
गुरुग्राम से मधुबनी जा रही बस में करीब 130 लोग सवार थे। सवारियों की तादाद के चलते बस ओवरलोड थी। यहां तक कि बस की छत पर बैठ कर लोग जा रहे थे। हादसे के वक्त ज्यादातर लोग सो रहे थे। डिवाइडर से टकरा जब बस पलटी, तो छत पर बैठी सवारियां जमीन पर आ गिरीं। घायलों में छत बैठे लोग ही ज्यादा शामिल हैं। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि बस अचानक पलट गई। कुछ पलों तक तो कुछ समझ में ही नहीं आया कि क्या हुआ। बस में सवार लगभग सभी के चोटें आई हैं। जिनके अधिक चोटें आई, उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। बुधवार सुबह तक सभी यात्री मिनी पीजीआई में ही मौजूद रहे।
जिस समय एक्सप्रेस वे पर हादसा हुआ तो बस में सवार यात्री मदद के लिए चीख पुकार रहे थे। यात्रियों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। लेकिन बस में फंसे या फिर जमीन पर कराह रहे लोगों की मदद करने की बजाय उनका सामान लूट कर भाग गए। इन लोगाें ने मानवीय संवेदना का भी ख्याल नहीं रखा। करीब बीस मिनट के बाद पुलिस के अलावा एक्सप्रेस वे के कर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हाेंने बस में फंसे यात्रियों को निकालने के जतन शुरू किए और घायलों को मिनी पीजीआई भिजवाया।
बस में सवार बिहार के मधुबनी निवासी मंतोष कुमार, बमबम कुमार व राजीव कुमार ने बताया कि वे लोग बस में सो रहे थे। तभी अचानक बस पलट गई। सभी रो रहे थे, चीख चिल्ला रहे थे। जिसे सुनकर आसपास के लोग वहां आए। उन्हें लगा कि वह उनकी मदद करेंगे। लेकिन उन लोगों ने घायलों की मदद करने की बजाय सामान लूट लिया और भाग गए। एक घायल दूसरे की मदद करके संभालने का प्रयास करता रहा। कई लोगों का सामान गायब हो गया। गांव वाले सामान ले जाते हुए दिखे। उन्हें रोका भी गया, लेकिन वह नहीं माने। मुकेश पासवान व राजेंद्र पासवान ने बताया कि उसके बैग में कपडे़ व रुपये रखे थे। वह बैग गायब हो गया। इधर-उधर काफी खोजने पर भी बैग नहीं मिला। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब लोग माने। पुलिस ने ही बस में फंसे लोगों को बाहर निकला और फिर उपचार के लिए भिजवाया। पीड़ितों ने बताया कि पुलिस तो घटना के करीब बीस मिनट बाद पहुंच गई थी।