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दंपति हत्याकांड का खुलासा

Wed, 21 Mar 2018 11:43 PM IST
कन्नौज, उत्तर प्रदेश
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दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते एसपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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छिबरामऊ में तीन दिन पहले दंपति हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। एक मुकदमे में समझौता न करने के कारण चार लोगों ने घटना को अंजाम दिया। हत्या के बाद आरोपियों ने घर में लूटपाट की थी। पुलिस ने लूटे गए जेवर व रुपये बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो की तलाश की जा रही है।
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बिरतिया निवासी राम किशन और उनकी पत्नी विशुना देवी की रविवार रात हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मृतक रामकिशन के भतीजे सतेंद्र कुमार की तहरीर के आधार मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। आईजी के आदेश पर जांच में जुटी सर्विलांस टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने जांच में पाया कि उक्त हत्याकांड को रंजिश के चलते संदीप कुमार पुत्र लाला राम और उसके भाई गोपी निवासी बिरतिया ने अपने साथी बिजेंद्र जाटव पुत्र अजीत निवासी अजीत नगला पीयरा बिधूना औरैया ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया है। हत्याकांड के बाद घर में रखे करीब 50 हजार के आभूषण और साढ़े नौ हजार रुपये लूट लिए। सर्विलांस टीम ने बिजेंद्र और संदीप को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर लूटे गए आभूषण और रुपये बरामद कर बुधवार को एसपी किरीट राठौड़ के समझ हत्यारोपियों को पेश किया।

 एसपी किरीट राठौड़ ने खुलासा करते हुए बताया कि रामकिशन की भांजी को आरोपी गोपी प्रेम-प्रसंग के चलते बहला कर ले गया था। इसका मुकदमा छिबरामऊ कोतवाली में सात मई 2017 को दर्ज हुआ था। मुकदमे में रामकिशन गवाह था। जिसके राजी न होने पर मामले में समझौता नहीं हो पा रहा था। इसी के चलते गोपी ने भाई और दोस्तों के साथ मिलकर योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। फरार चल रहे गोपी और एक अन्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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जेल में रची हत्याकांड की साजिश
कन्नौज। दोहरे हत्याकांड की साजिश जिला जेल अनौगी में तीन माह पहले रची गई थी। नगला पीयरा बिधूना औरैया निवासी बिजेंद्र जाटव कुख्यात बदमाश है। उस पर औरैया और इटावा समेत गुरसहायगंज कोतवाली में तीन संगीन मुकदमे दर्ज हैं। एक साल पूर्व गुरसहायगंज कोतवाली पुलिस ने डकैती के मामले में बिजेंद्र को गिरफ्तार कर अनौगी जेल भेजा था। इधर, पांच माह पहले छिबरामऊ कोतवाली पुलिस ने रामकिशन की नाबालिग भांजी को बहला कर ले जाने के मामले में संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि गोपी फरार चल रहा था। इस दौरान जेल में बिजेंद्र और संदीप के बीच गहरी दोस्ती हो गई और जेल में इस हत्याकांड की साजिश रची गई।

जल्लादों की तरह की हत्याएं
कन्नौज। हत्या करने में बिजेंद्र, गोपी व इसके अन्य साथी की भूमिका अहम रही। जबकि संदीप छत पर बैठकर निगरानी कर रहा था। रामकिशन और गोपी पड़ोसी हैं। घटना की रात संदीप को छोड़कर बाकी तीनों लोग रामकिशन के घर में पहुंचे और रामकिशन के गले और छाती पर लकड़ी का पटरा रखकर उस पर बैठ गए। जब रामकिशन के प्राण निकल गए तो इन लोगों ने पटरे से उसके सिर पर कई वार किए। रामकिशन की पत्नी विशुना देवी को गला दबाकर मार दिया।
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