जिला कारागार में पांच बंदियों की बेल्ट से की गई पिटाई व बार बालाओं के डांस के प्रकरण की जांच करने आए डीआईजी जेल ने दूसरे दिन बुधवार को भी मुख्यालय में रुककर जांच पूरी की। जांच में पिटाई के शिकार पांच में से दो बंदियों के बयान भी डीआईजी ने लिए। वहीं डीआईजी ने पिटाई प्रकरण पर जेल अधीक्षक को चेतावनी दी कि मारपीट की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। उधर डीएम ने भी प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को सदर एसडीएम को जिला कारागार भेज मामले की जांच कराई।
जिला कारागार में जेल अधीक्षक के कक्ष में पांच बंदियों की बेल्ट से की गई पिटाई और कारागार परिसर में बार बालाओं के डांस करने का पिछले सोमवार को वीडियो वायरल हुआ था। इन दोनों वीडियो के वायरल होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिस पर जेल डीआईजी इलाहाबाद बीआर वर्मा ने मंगलवार को मुख्यालय पहुंच जांच शुरू की।
सोमवार को उन्होंने बंदियों के साथ मारपीट करना स्वीकारा था। बुधवार को डीआईजी ने बताया कि प्रकरण बड़ा है इसलिए जांच में समय लगा जिस पर उन्हें रात में रुकना पड़ा। बुधवार को उन्होंने जांच को आगे बढ़ाते हुए शेष लोगों के बयान दर्ज किए हैं। बंदियों के साथ की गई मारपीट की घटना को स्वीकारते हुए कहा कि वायरल वीडियो में पांच बंदियों के साथ मारपीट की बात आई है।
जिसमें कुछ पिटाई वाले कुछ बंदियों के तस्वीरें साफ नहीं आ रही हैं। जिससे सिर्फ दो बंदियों के बयान हो सके हैं। बताया अब वह इलाहाबाद जा रहे हैं। वहीं जांच रिपोर्ट बनाएंगे। कहा, गुरुवार को लखनऊ जाकर आईजी व शासन को जांच रिपोर्ट देंगे।
वार्ता के बीच आईजी का फोन आया
मुख्यालय स्थित मौदहा बांध के डाक बंगले में शाम करीब चार बजे डीआईजी पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। तभी आईजी जेल का फोन उनके पास आ गया। जिस पर डीआईजी वार्ता छोड़कर बाहर निकल गए। करीब पांच मिनट बाद डीआईजी पुन: कक्ष में वार्ता को आए। वार्ता के बाद डीआईजी सीधे इलाहाबाद के लिए प्रस्थान कर गए।
जेल प्रशासन हुआ सतर्क
जिला कारागार की कारगुजारी का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे जेल प्रशासन में हड़कंप तो मचा ही है। वहीं कुछ कर्मियों ने प्रकरण की जांच को लेकर खुशी जाहिर की है। पिछले तीन दिनों से पूरा जेल प्रशासन अब सतर्क होने के साथ अपने लोगों से ही दूरियां बनाने लगा है और फूंक फूंक अगला कदम उठा रहे हैं।
आईजी व कारागार मंत्री के आने की चर्चा
वीडियो वायरल प्रकरण में चल रही जांचों के मामले में बुधवार को आईजी जेल व कारागार मंत्री के आने की चर्चा रही। कुछ खबरनबीश तो सुबह से ही कारागार के गेट पहुंच इंतजार कर रहे थे। मगर सूचना सही न होने पर उन्हें लौटना पड़ा।