महोबा। खनिज विभाग द्वारा जारी वैध रायल्टी बंद हो जाने से पत्थर मंडी कबरई में संकट के बादल छा गए है। दूर दराज से गिट्टी लेने आने वाले वाहनों को रायल्टी न मिलने से तमाम ट्रक और डंफर चालकों ने पत्थर मंडी कबरई में आना बंद कर दिया है। इससे सरकार को करोडों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है।
पत्थर व्यवसायिक नगरी कबरई में करीब 400 स्टोन क्रेशर है। यहां पर प्रतिदिन 2000 ट्रक गिट्टी लेने आते है। गिट्टी ले जाने के लिए ट्रक चालकों को खनिज विभाग द्वारा जारी की गई रायल्टी दी जाती है। लेकिन ई टेडरिंग रायल्टी के चक्कर में पूर्व में मिलने वाली वैध रायल्टी बंद कर दिए जाने से ट्रक चालकों को पर्याप्त मात्रा में रायल्टी नहीं मिल रही है। जिससे रायल्टी की कमी के चलते तमाम ट्रक दो दो दिन तक कबरई मंडी में खड़े रहते है। इससे ट्रक चालकों का भारी नुकसान हो रहा है।
खनन उद्योग कल्याण समिति के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में बताया कि खनिज विभाग ने अग्रिम धनराशि जमा कराकर वैध एमएम 11 प्रपत्र प्राप्त किए गए है। जिसका टैक्स भी जमा किया गया। लेकिन इन रायल्टियों को जिला प्रशासन द्वारा बंद कर दिए जाने से पत्थर कारोबार गड़बड़ा गया है। ज्ञापन में बताया कि खनिज विभाग के अधिकारियों ने यह कहकर वैध रायल्टी पर रोक लगा दी है कि 14 अगस्त को शासन ने एमएम 11 को बंद कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रमुख सचिव खनिज के मौखिक आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।