लखनऊ में प्रज्ञा एजूकेशन ग्रुप के नाम से कोचिंग चलाकर एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर देशभर के लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोपी मास्टर माइंड डॉ. एके श्रीवास्तव और उनकी पत्नी को कोर्ट ने 19 दिसंबर को तलब किया है। दंपति को लखनऊ की जेल के अदालत में रिमांड पर लाया जाएगा। डॉ. श्रीवास्तव ने अपने परिवार के साथ मिलकर कुल 38 लोगों के ठगी की है। हाल ही मैं हाफिजगंज के आठ लोगों के नाम और शामिल हुए हैं।
लखनऊ के इंदिरा नगर शिवाजी पुरम में आलीशान ऑफिस बनाकर मैनेजमेंट कोटे से एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करने वाला डॉ. श्रीवास्तव फरीदाबाद (हरियाणा) में दो साल बाद 13 जून 2017 पत्नी सरोज श्रीवास्तव के साथ गिरफ्तार हुआ था। लखनऊ की हजरतगंज पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके लाई थी। जून 2015 तक डॉ. श्रीवास्तव ने बरेली मंडल के 14 लोगों को ठगी का शिकार बनाया था। इस सूची में अब हाफिजगंज के आठ लोगों के नाम और आए हैं। पीड़ितों में थाना इज्जतनगर इलाके के सैदपुर हॉकिंस की अंबिका आवास कालोनी केरहने वाले विवेक मोहन सिंह, बहादुर पुर शाही के अरविंद कुमार शर्मा ने ठगी के इस मास्टर माइंड के खिलाफ आवाज उठाई थी। विवेक मोहन सिंह की तरह से मामले में इज्जतनगर में मुकदमा दर्ज है। विवेचक चमन गिरि ने बताया कि डॉ. श्रीवास्तव और उनकी पत्नी के खिलाफ ठगी के काफी सुबूत मिले हैं। वह दंपति के खिलाफ चार्जशीट लगाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उसके बेटे और बेटी के खिलाफ विवेचना जारी रहेगी।
डीजीपी के मिलकर ईडी को केस सौंपने की मांग
ठगी के शिकार विवेक मोहन सिंह और अरविंद शर्मा ने डीपीजी के मुलाकात करके यह मामला ईडी को सौंपने की मांग की है, ताकि डॉ. एके श्रीवास्तव की संपत्ति कुर्क होने के बाद पीड़ितों को उनकी रकम वापस मिल जाए।