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अनूप के साथ रिश्तों का भी कराया कत्ल

Thu, 31 May 2018 12:54 AM IST
jhansi
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administration - फोटो : sample
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झांसी।
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पुरानी कहावत है ‘सारी खुदाई एकतरफ, जोरू का भाई एकतरफ’। ये कहावत बताती है कि पत्नी का भाई यानी साला रिश्तेदारों में सबसे प्यारा होता है। लेकिन शहर के गोंदू कंपाउंड में रहने वाले अरविंद श्रीवास ने ललितपुर में रहने वाले अपने साले अनूप सहाय की हत्या कराकर रिश्तों का भी कत्ल हो गया। हत्याकांड की साजिश झांसी में ही रची गई थी। मारने के लिए दो लाख रुपये की सुपारी भी तय हुई थी। घटना को चार महीने बीतने के बाद मामला ठंडा होते देख हत्यारे बेफिक्र हो गए थे।
गोंदू कंपाउंड में रहने वाला निवासी अरविंद श्रीवास अदालत में क्लर्क है। उसका अपनी पत्नी वंदना से अक्सर विवाद होता रहता था। इस बात की शिकायत जब वंदना ने अपने भाई ललितपुर के मोहल्ला बड़ापुरा निवासी ठेकेदार अनूप सहाय से की तो उसने अरविंद के साथ ही गाली-गलौज कर दी और अपमानित करते हुए चार गोलियां सिर में उतार देने की धमकी दी। इससे परेशान होकर अरविंद ने पेशे से अधिवक्ता और शातिर अपराधी मेघराज से संपर्क किया और अनूप की हत्या की सुपारी दे दी। मेघराज पर कई मुकदमे दर्ज हैं, इसी बीच अदालत की तारीखें कराने में अरविंद, मेघराज की मदद करता था। कचहरी आने-जाने के दौरान अरविंद के मेघराज से दोस्ती हो गई थी। इसी बीच दोनों ने मिलकर अनूप को मौत के घाट उतारने की साजिश रच डाली। इसके लिए पहले रकम लंबी मांगी गई थी, लेकिन किसी तरह अरविंद ने दो लाख में सुपारी तय कर ली। एडवांस में दस हजार रुपये रुपये देकर बकाया रकम काम के बाद देना तय हुआ। घटना में मेघराज ने दतिया गेट निवासी पीयूष की भी मदद ली थी। घटना को अंजाम देकर दोनों झांसी आ गए थे। इसके बाद हर गतिविधि पर अरविंद नजर बनाकर मेघराज को खबर दे रहा था। कुछ बाद बकाया रकम भी दे दी गई थी। किसी को शक न हो, इसीलिए दोनों ने दूरियां भी बना ली थीं। मामला ठंड होने के बाद आरोपी बेफिक्र होकर रह रहे थे।
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मंगलवार रात ललितपुर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें बुधवार को जेल भे दिया गया।

पुलिस पर बना रहे थे दवाब
पुख्ता जानकारियां मिलने के बाद ललितपुर की कोतवाली व क्राइम ब्रांच ने अरविंद को पकड़ने के लिए दबिश दी थी। जब तक इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी उसके परिजनों व सहयोगियों को मिलने के बाद सीपरी थाने पहुंचकर शिकायत की। परिजन पुलिस पर दवाब बनाकर ललितपुर पुलिस पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस पर सीपरी थानाध्यक्ष विजय कुमार पांडेय ने जानकारी कर कार्रवाई से मना कर दिया था।

ये है मामला
दो फरवरी की रात दस बजे ललितपुर के बड़ापुरा मोहल्ले में रहने वाले ठेकेदार अनूप सहाय घर पर खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान तीन अज्ञात लोगों दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया। जैसे ही अनूप सहाय ने दरवाजा खोला तो दो बदमाशों ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरकर अनूप के सिर और पेट में गोलियां मार दी। इससे अनूप बुरी तरह जख्मी होकर जमीन पर गिर पड़े। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं गोली मारकर दोनो हत्यारे गली के बाहर खड़े अपने तीसरे साथ के साथ बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।
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शातिर अपराधी है मेघराज
ललितपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में झांसी के सीपरी बाजार थानांतर्गत लहरगिर्द निवासी मेघराज सिंह पुत्र प्रेमपाल सिंह ठाकुर, गोंदू कंपाउंड निवासी अरविंद श्रीवास पुत्र नाथूराम श्रीवास, झांसी कोतवाली क्षेत्र के दतिया गेट निवासी पियूष ठाकुर पुत्र जितेंद्र सिंह और नईबस्ती निवासी दिलीप कुशवाहा पुत्र स्व. नंदोले कुशवाहा शामिल हैं। मेघराज शातिर किस्म का अपराधी है और उसके खिलाफ हत्या, लूट समेत विभिन्न धाराओं में 15 मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी पेशे से अधिवक्ता है और 2013 में रजिस्ट्रेशन करवाया था। पुलिस अधीक्षक ललितपुर डा. ओपी सिंह मेघराज का रजिस्ट्रेशन रद्द कराने की भी कार्रवाई की जाएगी।
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