नीट परीक्षा कथित पेपर लीक प्रकरण में जयपुर की एटीएस टीम द्वारा दिल्ली से गिरफ्तार किए गए आरोपी उमाशंकर गुप्ता को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से गुप्ता को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। एटीएस के मुताबिक उसके कब्जे से एटीएस टीम ने करीब चार करोड़ रुपए से ज्यादा रकम के चैक व दस्तावेज बरामद करने में सफलता मिली है।
बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी रकम के चैक उमाशंकर ने अपने गिरोह के साथी अशोक गुप्ता, विक्रम, विकास, दिशांक व अन्य के माध्यम से लिए थे। यह चैक बिहार, दिल्ली व जयपुर के छात्र छात्राओं व उनके परिजनों से लिए गए थे। यह खुलासा एटीएस टीम द्वारा उमाशंकर के नई दिल्ली स्थित आवास व कार्यालय की हुई तलाशी के दौरान हुआ।
एटीएस एवं एसओजी के एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी उमाशंकर गुप्ता उम्र 42 वर्ष है।वह सेक्टर-8, जसौला विहार, दिल्ली का रहने वाला है। उसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। मामले में पहले गिरफ्तार आरोपी विक्रम सिन्हा व विकास सिन्हा, अशोक गुप्ता से पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर एटीएस ने ग्रीनपार्क, लाजपत नगर, दिल्ली में स्थित एजू गाइड्स एण्ड कन्सलटेंसी के कार्यालय व घरों पर छापा मारकर करोड़ो रुपये के चैक व परीक्षार्थियों के मूल दस्तावेज बरामद करने में कामयाबी मिली।
एसपी विकास कुमार ने बताया कि अभियुक्त उमाशंकर गुप्ता को परीक्षा पेपर लीक मामले में वर्ष 2006 में शिमला और वर्ष 2015 में तेलंगाना में भी स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपी उमाशंकर गुप्ता से पूछताछ के दौरान परीक्षा पेपर लीक करने के अलावा एनआरआई कोटे में तथा असल परीक्षार्थी की एवज में दूसरों (फर्जी परीक्षार्थी) को परीक्षा में बैठाकर मोटी रकम हासिल करना स्वीकार किया। अब ठगी से पीड़ित लोगों व उमाशंकर को आमने सामने करवाकर आगे की पड़ताल करने में जुटी है। इससे पहले पेपर प्रकरण में एटीएस ने विक्रम सिन्हा, विकास सिन्हा, भूपेंद्र शर्मा, दिशांक व अशोक गुप्ता तथा उमाशंकर को गिरफ्तार कर चुकी है।