फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नशेबाजी में दोस्त ने ही ली थी युवक की जान

Sat, 25 Feb 2017 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
विज्ञापन
घटना में शामिल हत्यारोपी सौरभ याज्ञिक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दो दिन पहले हुई युवक की हत्या के मामले में आरोपी मृतक का दोस्त निकला है। पहले तो दारू-मुर्गा की पार्टी हुई और फिर नशा इतना चढ़ा कि आरोपी ने अपने ही दोस्त को काट डाला। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व जले हुए कपड़े बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस ने पकड़े गए छह और लोगों को सरकारी गवाह बना दिया है। चर्चा तो यह है कि
विज्ञापन


अगर पार्टी के दौरान अन्य आरोपी भी मौके पर थे तो उनको पुलिस ने क्लीन चिट किस आधार पर दे दी। एसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि गुरुवार की रात शहर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला पटेलनगर निवासी सौरभ याज्ञिक के घर में कोई नहीं था। लिहाजा उसने अपने दोस्ताें के साथ मुर्गा पार्टी का प्रोग्राम

बनाया। तय कार्यक्रम के अनुसार उसमें हैप्पी परिहार के अलावा भी छह अन्य लोग मौजूद थे। मुर्गा दारू की पार्टी हुई और इसी बीच ये लोग नशेबाजी में एक दूसरे के  खिलाफ बोलने लगे। मामला इतना बढ़ा कि सौरभ ने हैप्पी को कुल्हाड़ी से हमलाकर मौत के घाट उतार दिया। उसने हैप्पी के कपड़ाें को वहीं घर में ही जला दिया। इसके बाद आरोपी ने उसके शव को
विज्ञापन


वहीं खाली पड़े प्लाट में फेंक दिया। जब सुबह लोगाें ने वहां युवक खून से लथपथ शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। इस पर पहुंची पुलिस ने शव को आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस ने मां अर्चना देवी की तहरीर पर महिला समेत दो नामजद आरोपियाें के खिलाफ हत्या कर शव को गायब करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली।

पुलिस ने दबिश देकर आरोपी सौरभ याज्ञिक को गिरफ्तार कर जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने हत्या की वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। इस दौरान सीओ अरुण कुमार सिंह, कोतवाल संजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।

वारदात के समय कहां थे अन्य दोस्त
शहर के मुहल्ला नया पटेल नगर में युवक हैप्पी परिहार की हत्या के मामले में पुलिस के खुलासे में छेद नजर आ रहे है। पुलिस अन्य आरोपियाें को क्लीन चिट देने के मूड में नजर आ रही है। वारदात के वक्त जो अन्य छह आरोपी थे, पुलिस उनको सरकारी गवाह बनाकर क्लीन चिट देने के मूड में है। इस बाबत जब कोतवाल संजय गुप्ता से बात की तो उनका कहना कि उनको मृतक की मां ने दो के खिलाफ नामजद तहरीर दी लिहाजा उन्हाेंने पकड़े गए लोगों को सरकारी गवाह बना लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें