डीएम के गोद लिए गांव सुल्तानपुर में बुधवार को तहसील प्रशासन ने 12 बीघा तालाब को कब्जा मुक्त कराने के लिए 25 कच्चे मकान ढहा दिए। इस दौरान पिता-पुत्र घायल हो गए। प्रशासनिक टीम को लोगों का विरोध झेलना पड़ा। इसके बावजूद 50 प्रतिशत तालाब कब्जा मुक्त करा लिया गया।
तालाब पर बने पक्के मकानों के मालिकों को वहां से हटने के लिए तीन दिन का वक्त दिया गया है।डीएम के गोद लिए गांव सुल्तानपुर के बाहर बने 12 बीघा तालाब पर अवैध कब्जा कर 100 से अधिक कच्चे और पक्क्े मकान बना लिए गए थे।
बुधवार को नायाब तहसीलदार अर्चना शर्मा पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंची और लोगों से मकान में खाली करने को कहा। लोगों के विरोध बीच तहसील प्रशासन ने तालाब पर बने दो दर्जन से अधिक मकान जेसीबी से ढहा दिए। इस दौरान छत पर चढ़कर सामान उतार रहा मिंटू दीवार से गिरकर घायल हो गया।
जबकि जेसीबी चालक ने छज्जे पर पंजा मारा तो टिन शेड गिरने से मिंटू का बेटा अरमान भी घायल हो गया। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि मकान टूटने के बाद वह कहां जाएंगे। उन्हें गांव से पलायन करना पड़ेगा। लोग अपने सिरों पर सामान उठाकर ले जाते नजर आए।
नायाब तहसीलदार ने बताया कि आधा तालाब खाली करा लिया गया है। तीन दिन के अंदर पक्के मकान खाली न होने पर प्रशासन एफआईआर दर्ज कराएगा।
प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के तहत तहसील प्रशासन ने सुल्तानपुर गांव में तालाब की भूमि पर दर्जन भर मकानों में शौचालय बनवा दिए। शौचालय निर्माण में तहसील प्रशासन के अधिकारी और लेखपाल को सत्यापन करना पड़ता है।
तालाब को कब्जा मुक्त कराने पहुंची नायाब तहसीलदार अर्चना शर्मा का कहना है कि तालाब की भूमि पर शौचालय कैसे बने हुए है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामसभा की भूमि पर हुए अवैध कब्जे को मुक्त कराने के लिए तहसील प्रशासन ने बुधवार को मोदीनगर के आबूपुर गांव में अभियान चलाया। 500 मीटर में बने अवैध निर्माण हटाए गए। बुधवार को नायब तहसीलदार अर्चना शर्मा के नेतृत्व में कब्जे हटाए गए।
इस मौके पर कानूनगो ओमकार सिंह, लेखपाल देवेंद्र जैन, सुरेंद्र कौशिक, बृजपाल आदि मौजूद रहे।