भारत की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ पुराने रिकॉर्ड को मनोवैज्ञानिक बढ़त मानने से इनकार किया है। महिला एशिया कप में शनिवार को होने वाले मुकाबले से पहले दीप्ति ने कहा कि टीम का लक्ष्य सिर्फ अच्छी क्रिकेट खेलना और विपक्षी से एक कदम आगे रहना है। भारत सेमीफाइनल में पहुंच चुका है।
महिला एशिया कप 2026 में भारत और पाकिस्तान की टीमें शनिवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। मुकाबले से पहले भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने साफ कर दिया कि पिछली जीतों के रिकॉर्ड को वह कोई मनोवैज्ञानिक बढ़त नहीं मानतीं। उनके मुताबिक भारतीय टीम का पूरा ध्यान सिर्फ अच्छी क्रिकेट खेलने और पाकिस्तान से एक कदम आगे रहने पर है।
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दोनों टीमों के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक 17 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 14 मैच जीते हैं। पिछली भिड़ंत 2026 महिला टी20 विश्व कप में हुई थी, जहां भारत ने पाकिस्तान को 64 रन से हराया था। उस मुकाबले में स्मृति मंधाना ने 68 रन बनाए थे, जबकि दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट झटके थे।
'कोई मनोवैज्ञानिक बढ़त नहीं'
पाकिस्तान के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड के बावजूद जब दीप्ति से पूछा गया कि क्या भारत को इसका मनोवैज्ञानिक फायदा मिलेगा, तो उन्होंने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'देखिए, ऐसा कोई फायदा नहीं है। हमने उनके खिलाफ जो भी मैच जीते हैं, चाहे वह एशिया कप हो या कोई और मुकाबला, हम बस एक कदम आगे रहे हैं और इतना ही है। हम उनके खिलाफ एक टीम के तौर पर जितनी अच्छी क्रिकेट खेल सकते हैं, हम बस वही करना चाहते हैं।' दीप्ति का संदेश साफ है कि भारत पुरानी जीतों के भरोसे मैदान पर नहीं उतरना चाहता। टीम मौजूदा मुकाबले पर ध्यान देकर अपनी लय बनाए रखना चाहती है।
सेमीफाइनल में पहुंच चुका है भारत
भारत पहले ही महिला एशिया कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है। सात बार की चैंपियन भारतीय टीम ने अपने ग्रुप मुकाबलों में थाईलैंड और हांगकांग चीन को हराया है। इसके बावजूद टीम पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले को हल्के में नहीं लेना चाहती। दीप्ति ने कहा कि भारतीय टीम का लक्ष्य जीत की लय को बरकरार रखने के साथ पूरी टीम से योगदान हासिल करना है।
उन्होंने कहा, 'पूरी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अगर आप गेंदबाजी या बल्लेबाजी इकाई को देखें तो हांगकांग चीन के खिलाफ मैच में दोनों चीजें संतुलित थीं। जिसका दिन अच्छा होता है, वह बेहतर करने और खेल को आगे ले जाने की कोशिश करती है। उसके आसपास की खिलाड़ी उसे सकारात्मक बातें बताती हैं, ताकि वह अपने खेल में और बेहतर प्रदर्शन कर सके।'
अपनी ताकत पर फोकस कर रही टीम
दीप्ति ने पाकिस्तान की गेंदबाजी को भी सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम विपक्षी की कमजोरी पर ज्यादा ध्यान देने के बजाय अपनी ताकत के मुताबिक क्रिकेट खेलना चाहती है। उन्होंने कहा, 'हमारी टीम भी अच्छी है और उनके गेंदबाज भी अच्छे हैं। हम यह जानते हैं, लेकिन हम अपनी ताकत पर ज्यादा ध्यान देते हैं। जैसा मैंने कहा, हम अच्छी क्रिकेट खेलना चाहते हैं। हमारा ध्यान इसी पर है।' यह रणनीति भारत के मौजूदा प्रदर्शन में भी दिखाई दे रही है। टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों इकाइयों ने शुरुआती मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया है।
मंधाना के शतक से बढ़ा आत्मविश्वास
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से पहले भारतीय शीर्ष क्रम शानदार फॉर्म में है। खासतौर पर स्मृति मंधाना ने हांगकांग चीन के खिलाफ रिकॉर्ड तोड़ शतक लगाकर अपनी लय का शानदार प्रदर्शन किया। मंधाना की पारी ने भारतीय टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की। हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाजों को भी ज्यादा समय क्रीज पर बिताने का मौका मिल सकता है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की टीम थाईलैंड के खिलाफ जीत के बावजूद अपने शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी को लेकर दबाव में है। भारत के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने पाकिस्तान के बल्लेबाजों की परीक्षा होगी।
प्लेइंग इलेवन पर दीप्ति ने क्या कहा?
पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम में बदलाव की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर दीप्ति ने कहा कि अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट करेगा। उन्होंने कहा, 'देखिए, मैं आपको यह नहीं बता सकती कि लाइनअप क्या होगा और उसमें क्या बदलाव होंगे। यह मैनेजमेंट का फैसला है। हम सिर्फ अच्छी क्रिकेट खेलना चाहते हैं। बल्लेबाजी और गेंदबाजी इकाई के तौर पर पिछले दो मैचों में टीम काफी संतुलित रही है और हम इसी सोच को बनाए रखना चाहते हैं।' इससे संकेत मिलता है कि खिलाड़ियों का ध्यान व्यक्तिगत चयन के बजाय टीम के प्रदर्शन पर है।
चरणी और प्रेमा की दीप्ति ने की तारीफ
दीप्ति ने युवा स्पिन गेंदबाज एन श्री चरणी और लेग स्पिन ऑलराउंडर प्रेमा रावत की भी जमकर तारीफ की। चरणी को लेकर उन्होंने कहा, 'वह बहुत अच्छी प्रतिभा हैं। चरणी रैंकिंग में नंबर एक हैं। उन्होंने पिछले एक साल में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। जिस तरह वह गेंद को टर्न कराती हैं, वह अविश्वसनीय है। किसी बल्लेबाज के लिए उन्हें खेलना आसान नहीं है।' प्रेमा रावत को लेकर दीप्ति ने कहा कि उन्होंने अभी ज्यादा मैच नहीं खेले हैं, लेकिन जब भी उन्हें गेंदबाजी का मौका मिलता है, वह विकेट लेने की कोशिश करती हैं।
उन्होंने कहा, 'प्रेमा ने अभी इतने ज्यादा मैच नहीं खेले हैं। लेकिन जब भी उन्हें गेंदबाजी का मौका मिलता है, वह हमेशा एक कदम आगे रहती हैं और टीम के लिए विकेट निकालने की कोशिश करती हैं। मैं मैदान और नेट्स में जितना संभव हो सके, उनकी मदद करती हूं। मैं अपने अनुभव उनके साथ साझा करती हूं। एक सीनियर खिलाड़ी होने के नाते मैं जितना संभव हो सके, उनकी मदद करती हूं।'
भारत की नजर अब सिर्फ जीत की लय पर
भारत पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला टीम के लिए अहम तैयारी का मौका है। शीर्ष क्रम फॉर्म में है, गेंदबाजी इकाई अच्छा प्रदर्शन कर रही है और युवा खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी मिल रही है। दीप्ति के बयान से भी यही संकेत मिलता है कि भारतीय टीम पिछले रिकॉर्ड को लेकर आत्मसंतुष्ट नहीं है। पाकिस्तान के खिलाफ 14 जीत का आंकड़ा भले ही भारत के पक्ष में हो, लेकिन मैदान पर मुकाबला नए सिरे से शुरू होगा। भारत की कोशिश होगी कि अपनी मजबूत टीम पर भरोसा रखते हुए "एक कदम आगे" रहने की रणनीति को मैदान पर भी साबित किया जाए।