भारत को जब बृहस्पतिवार से जब न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट मैच में खेलने उतरेगा तो यह उसका 500 वां टेस्ट मैच होगा। भारत ने अब कुल 499 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें से भारत ने 248 टेस्ट अपनी ही धरती पर खेले हैं और 251 विदेश में। कपिल देव ने भारत के कपिल देव ने भारत की वन डे के साथ टेस्ट क्रिकेट में भी भारत की कप्तानी की ।
कपिल देव निखंज भारत के निर्विवाद रूप से सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट ऑलराउंडर हैं। अपनी बेहतरीन स्विंग गेंदबाजी और विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए ख्यात कपिल देव ही है जिन्होंने 1983 में भारत को वन डे विश्व कप जिता कर मुल्क में क्रिकेट की तस्वीर ही बदल दी। कपिल देव ने भारत के लिए 131 टेस्ट खेले और 434 विकेट चटकाए ही और 5248 बनाए। इनमें आठ सेंचुरी और 27 हाफ सेंचुरी शामिल हैं। उन्होंने साथ ही 225 वन-डे खेल कर 253 विकेट चटकाए और 3783 रन बनाए।
कपिल देव से ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को जब बतौर कप्तान उनके टेस्ट जीवन के यादगार टेस्ट क्षण की बाबत जानना चाहा तो जो खुलासा हुआ उससे बहुत क्रिकेट प्रेमी चौंकेगे। टेस्ट क्रिकेट में एक समय भारत के लिए सबसे सबसे ज्यादा 434 टेस्ट विकेट लेने वाले कपिल देव ने कहा, ‘ मेरे लिए टेस्ट करियर में बतौर कप्तान सबसे यादगार क्षण अब से ठीक 30 बरस पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मद्रास (अब चेन्नै) में सीरीज के ‘टाई’ रहे पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में सेंचुरी जड़ना रहा। मैंने तब ऑस्ट्रेलिया के क्रेग मैकडरमॉट , ब्रूस रीड और स्टीव वॉ जैसे गेंदबाजों के खिलाफ पहली पारी में सेंचुरी जड़ी थी। मैं हालांकि इस टेस्ट मैच में विकेट नहीं ले पाया था। यह टेस्ट ऐसा रहा जिसमें बराबर उतार चढ़ाव देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया और हमारी भारतीय टीम के हर खिलाड़ी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।’