वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरुआती चार टी20 मुकाबलों में मौका नहीं मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने 'स्टिल बिलीविंग' पोस्ट साझा की। सीरीज 2-2 से बराबर है। कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि वैभव को अवसर का इंतजार करना होगा, क्योंकि टीम संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी पर भरोसा कर रही है।
भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का इंतजार लंबा होता जा रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के शुरुआती चारों मुकाबलों में 15 वर्षीय वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला। अब सीरीज 2-2 से बराबर है और शनिवार को होने वाले पांचवें व निर्णायक टी20 मुकाबले से पहले वैभव की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सबका ध्यान खींचा है। उन्होंने लिखा, 'स्टिल बिलीविंग' यानी 'अब भी भरोसा है।' उनके इस संदेश को टीम में मौका मिलने की उम्मीद से जोड़कर देखा जा रहा है।
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चार मैचों से बाहर, क्या निर्णायक मुकाबले में मिलेगा मौका?
मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन ने अब तक संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी पर भरोसा जताया है। इसी वजह से वैभव को लगातार बेंच पर बैठना पड़ा है। सीरीज बराबर होने के बाद पांचवें मुकाबले का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गंभीर के सामने टीम संयोजन को लेकर फैसला लेने का विकल्प होगा। हालांकि, वैभव की पोस्ट से यह स्पष्ट नहीं होता कि वह खास तौर पर पांचवें टी20 में खेलने की बात कर रहे थे। लेकिन चार मुकाबलों में मौका नहीं मिलने के बाद उनका 'स्टिल बिलीविंग' लिखना उनके इंतजार और उम्मीद की ओर इशारा करता है।
गंभीर ने साफ किया अपना रुख, वैभव को करना होगा इंतजार
गौतम गंभीर ने वैभव को मौका नहीं मिलने पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उनका मानना है कि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा में से किसी एक को हटाकर वैभव को शामिल करना फिलहाल उचित नहीं होगा। गंभीर ने कहा, 'संजू ने दिखाया है कि वह क्या कर सकते हैं। कोई खिलाड़ी प्रतिभा के बिना विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट नहीं बन जाता। उन्होंने काफी कुछ साबित किया है।' भारतीय कोच ने यह भी कहा कि कुछ असफल पारियों के बाद किसी खिलाड़ी को खराब नहीं माना जा सकता। उन्होंने विश्व कप में टीम के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार तीन-चार बार असफल होने से खिलाड़ी की क्षमता खत्म नहीं हो जाती।
वैभव के टैलेंट पर भरोसा, लेकिन मौके के लिए करना होगा इंतजार
गंभीर ने वैभव की प्रतिभा को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें अपने अवसर का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा, 'वैभव के मामले में भी बातचीत बिल्कुल स्पष्ट है कि उन्हें अपने मौके का इंतजार करना होगा। हम जानते हैं कि उनमें किस तरह की प्रतिभा है और वह क्या कर सकते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को टीम में प्राथमिकता मिलना स्वाभाविक है। वैभव को जब मौका मिलेगा, तो उन्हें लगातार खेलने के लिए पर्याप्त अवसर भी दिए जाएंगे।
दिलचस्प बात यह है कि वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में वैभव को अपेक्षाकृत ज्यादा मौके मिले हैं। गंभीर जब दूसरे कामों में व्यस्त रहे, तब लक्ष्मण ने टीम की जिम्मेदारी संभाली थी। अब देखना होगा कि निर्णायक मुकाबले में वैभव का इंतजार खत्म होता है या उन्हें एक बार फिर बाहर बैठना पड़ता है।