मोहम्मद कैफ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय गेंदबाजी के प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए 1983, 2011 और 2024 के विश्व कप फाइनल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि खिताब जीतने के लिए मजबूत गेंदबाजी जरूरी है। कैफ ने गेंदबाजों को लगातार मौके देने और कप्तान श्रेयस अय्यर से आक्रामक रणनीति अपनाने की अपील की।
भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप जीतना है तो उसे अपनी गेंदबाजी मजबूत करनी होगी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी20 सीरीज में भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए टीम को 1983, 2011 और 2024 के विश्व कप की जीत से सबक लेने की सलाह दी है। उनका मानना है कि बड़े खिताब जीतने के लिए मजबूत गेंदबाजी आक्रमण जरूरी है और कप्तान की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी टीम तैयार करे।
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वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भारतीय गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी है। अनुभव की कमी के साथ दबाव में सही गेंद डालने और योजनाओं को सटीक तरीके से लागू करने में भी टीम जूझती दिखी है। कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि इतिहास गवाह है कि अच्छी गेंदबाजी करने वाली टीमें ही बड़े खिताब जीतती हैं।
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- फोटो : twitter
तीन विश्व कप जीत, गेंदबाजी की अहम भूमिका
कैफ ने 1983, 2011 और 2024 के विश्व कप फाइनल का उदाहरण देते हुए कहा कि इन तीनों खिताबी जीत में भारतीय गेंदबाजों ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा, 'अगर आप 1983 विश्व कप का फाइनल देखें तो हमने अपनी गेंदबाजी के दम पर जीत हासिल की थी। 2011 के फाइनल में हमने श्रीलंका को 270 रन पर रोका और जीत दर्ज की। 2024 टी20 विश्व कप के फाइनल में भी हमने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 170 से ज्यादा रन के लक्ष्य का बचाव किया। इतिहास यही बताता है कि अच्छी गेंदबाजी करने वाली टीम आपको ट्रॉफी जिताती है।' कैफ ने आगे कहा कि कप्तान की जिम्मेदारी है कि वह मजबूत गेंदबाजी आक्रमण तैयार करे। मौजूदा हालात में टीम को काफी काम करने की जरूरत है और गेंदबाजी से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
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गेंदबाजों को लगातार मौके देने की जरूरत
पूर्व क्रिकेटर ने गेंदबाजों को टीम में लगातार मौके देने की भी वकालत की। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को बार-बार टीम से अंदर-बाहर करने के बजाय उन्हें सीखने और खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। कैफ ने रवि बिश्नोई और कुलदीप यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले बिश्नोई को मौका मिला, लेकिन अब न तो वह और न ही कुलदीप लगातार खेल पा रहे हैं। उन्होंने जहीर खान का भी जिक्र किया, जो 2003 विश्व कप के दौरान युवा थे। समय के साथ उन्होंने अपने खेल में सुधार किया और 2011 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत में योगदान दिया। कैफ के अनुसार, जहीर को लगातार समर्थन मिला और उन्हें टीम से बाहर नहीं किया गया।
श्रेयस अय्यर को गेंदबाजों से क्या कहना चाहिए?
शनिवार को होने वाले पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले कैफ ने कप्तान श्रेयस अय्यर को भी अहम सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे मैदानों पर, जहां केवल रन रोकने की रणनीति कारगर नहीं होती, गेंदबाजों को विकेट लेने के इरादे से उतरना चाहिए। कैफ ने कहा, 'श्रेयस अय्यर को सभी गेंदबाजों से साफ कहना होगा कि ऐसी पिचों पर हमें आक्रामक गेंदबाजी करनी है, जहां केवल रन रोकने की कोशिश करके बचा नहीं जा सकता। हमें विकेट लेने के बारे में सोचना होगा। फिलहाल हम गेंदबाजी में सटीकता और अपनी योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं कर पा रहे हैं।'