आईपीएल युवाओं को दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है। इसके 19 सीजन के इतिहास में कई ऐसे खिलाड़ी उभरकर सामने आए, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी छाप छोड़ी। हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन, शॉन मार्श, जसप्रीत बुमराह, जैसे कई उदाहरण मौजूद हैं। हालांकि, आईपीएल 2026 ने भारतीय क्रिकेट को एक नया हीरा दिया है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन अपनी धांसू बल्लेबाजी से ऐसे कीर्तिमान बनाए हैं, जो शायद ही कोई कभी भूल पाएगा।
इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को आने वाले समय का सुपरस्टार माना जा रहा है। वैभव ने बड़े से बड़े गेंदबाज को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। 2025 में अपनी अपार प्रतिभा की झलक दिखाने के बाद सूर्यवंशी ने 2026 में अपने खेल को ऐसे स्तर पर पहुंचा दिया, जैसा न केवल आईपीएल में बल्कि किसी किशोर खिलाड़ी से पहले कभी देखने को नहीं मिला था। महज 15 साल की उम्र में वह सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़ रहे हैं, बल्कि इस प्रारूप के लंबे समय से स्थापित मानकों को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।
बल्लेबाजी करते वैभव सूर्यवंशी
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ज्यादा रन, ज्यादा असर
इस सीजन वैभव ने 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और फिलहाल ऑरेंज कैप लीडरबोर्ड में सबसे ऊपर चल रहे हैं। पिछली चार पारियों में से तीन में तो वह नर्वस-90 का शिकार हुए। वैभव ने सिर्फ 327 गेंदों का सामना करते हुए 135 बार गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाया। इनमें 72 छक्के भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने छह बार 50 या उससे अधिक का स्कोर बनाया और इनमें एक 36 गेंदों का शतक भी शामिल है। इन छह बड़ी पारियों में से चार बार उन्होंने 16 गेंद या उससे कम में अपना अर्धशतक पूरा किया। संख्याओं में देखें तो आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन कुछ ऐसा था। आईपीएल के पिछले 18 सीजन में केवल चार मौकों पर किसी बल्लेबाज ने एक सीजन में उनसे ज्यादा रन बनाए हैं।
टी20 क्रिकेट में 200 से अधिक स्ट्राइक रेट के साथ 500 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की संख्या बेहद कम है। वैभव सहित केवल चार बल्लेबाज ही ऐसा कर पाए हैं, लेकिन इन चारों में भी 15 वर्षीय सूर्यवंशी का प्रदर्शन सबसे अलग है। उनके 776 रन इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर मौजूद बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के मुकाबले 38 प्रतिशत ज्यादा है। अभिषेक ने भी आईपीएल 2026 में 204.72 के स्ट्राइक रेट से 563 रन बनाए थे। इस लिस्ट में बाकी दो नाम आंद्रे रसेल (आईपीएल 2019 में 510 रन, स्ट्राइक रेट 204.81) और एलेक्स हेल्स (2017 टी20 ब्लास्ट में 507 रन, स्ट्राइक रेट 204.43) हैं।
वैभव सूर्यवंशी
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अभिषेक इस मामले में रहे आगे
वैभव के स्ट्राइक रेट के सबसे करीब पहुंचने वाले बल्लेबाज जेक फ्रेजर-मैकगर्क रहे, जिन्होंने आईपीएल 2024 में 234.04 के स्ट्राइक रेट से 330 रन बनाए थे। लेकिन रनों के मामले में वह भी काफी पीछे रह गए। टी20 टूर्नामेंटों के इतिहास में अब तक 20 बार ऐसा हुआ है जब किसी बल्लेबाज ने 200 से अधिक स्ट्राइक रेट के साथ 300 या उससे ज्यादा रन बनाए हों। इनमें केवल एक बल्लेबाज ने वैभव से ज्यादा स्ट्राइक रेट दर्ज किया है। वह बल्लेबाज हैं अभिषेक शर्मा, जिन्होंने 2026 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 247.15 के स्ट्राइक रेट से 304 रन बनाए थे। हालांकि, किसी भी बल्लेबाज ने किसी प्रतियोगिता में कम से कम 10 पारियां खेलते हुए 230 से अधिक का स्ट्राइक रेट बनाए नहीं रखा। यही बात वैभव के सीजन को और भी असाधारण बनाती है।
वैभव सूर्यवंशी
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अपनी ही टीम से बहुत आगे
इस सीजन को और भी खास बनाने वाली बात सिर्फ उनके रिकॉर्ड नहीं थे, बल्कि यह था कि वह पूरे टूर्नामेंट में, यहां तक कि अपनी टीम के खिलाड़ियों से भी कितने आगे थे। वैभव का स्ट्राइक रेट 237.30 रहा, जबकि राजस्थान रॉयल्स के बाकी बल्लेबाजों का संयुक्त स्ट्राइक रेट 150.28 था। यानी वैभव और उनकी टीम के बाकी बल्लेबाजों के बीच स्ट्राइक रेट का अंतर 87.02 का था। यह अंतर आईपीएल इतिहास में उन सभी बल्लेबाजों में सबसे बड़ा है जिन्होंने किसी एक सीजन में 300 से ज्यादा रन बनाए हैं।
वैभव सूर्यवंशी
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दूसरे सीजन में भी दिया करारा जवाब
2025 में अपने पहले आईपीएल सीजन में सूर्यवंशी ने कई बार अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई थी। लेकिन बड़ा सवाल यह था कि क्या वह दूसरे सीजन में भी उसी स्तर का प्रदर्शन कर पाएंगे, जब विरोधी टीमों को उनके खेल की बेहतर समझ हो जाएगी और उनसे उम्मीदें भी बढ़ जाएंगी। वैभव ने इस सवाल का जवाब बेहद जोरदार अंदाज में दिया। सीजन की शुरुआत में राजस्थान रॉयल्स ने लगातार चार मैच जीते और इस सफलता में वैभव की भूमिका बेहद अहम रही। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले बल्लेबाज बन गए जिन्होंने अपने शुरुआती दोनों आईपीएल सीजन में शतक लगाया। 2025 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने 35 गेंदों में शतक जड़ा था, जबकि 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 36 गेंदों में शतक लगाकर उन्होंने इस उपलब्धि को दोहराया।
वैभव सूर्यवंशी ने 2026 सीजन में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वह आईपीएल इतिहास के पहले अनकैप्ड (जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला हो) बल्लेबाज बन गए, जिसने दो आईपीएल शतक लगाए। उन्होंने अपने सलामी जोड़ीदार यशस्वी जायसवाल के नाम दर्ज तीन साल पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। जायसवाल ने 2023 में एक सीजन में 625 रन बनाकर अनकैप्ड बल्लेबाज के सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड बनाया था, जबकि वैभव ने 2026 में 776 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को 151 रनों के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया।
वैभव सूर्यवंशी
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16 या कम गेंदों में अर्धशतक, चार बार
वैभव सूर्यवंशी ने 2026 सीजन में चार बार 16 या उससे कम गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह उपलब्धि अपने आप में अविश्वसनीय है, क्योंकि आईपीएल इतिहास में किसी भी बल्लेबाज ने अपने पूरे करियर में इससे ज्यादा बार ऐसा नहीं किया है। दरअसल, वैभव के इन चार कारनामों से पहले किसी भी बल्लेबाज ने अपने पूरे आईपीएल करियर में दो से ज्यादा बार 16 गेंद या उससे कम में अर्धशतक नहीं लगाया था। 2024 में केवल ट्रेविस हेड और निकोलस पूरन ही ऐसे बल्लेबाज रहे थे, जिन्होंने एक ही सीजन में एक से अधिक बार यह उपलब्धि हासिल की थी। लेकिन वैभव ने इस रिकॉर्ड को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
एलिमिनेटर में इतिहास रचने से चूके
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने केवल 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह आईपीएल प्लेऑफ या नॉकआउट मुकाबलों के इतिहास का संयुक्त रूप से सबसे तेज अर्धशतक था। इस मैच में वह रिकॉर्ड बुक्स को पूरी तरह बदलने के करीब पहुंच गए थे। जयपुर में इसी टीम के खिलाफ उन्होंने 36 गेंदों में शतक जड़ा था, जो आईपीएल इतिहास का तीसरा सबसे तेज शतक है। दिलचस्प बात यह है कि दूसरा सबसे तेज आईपीएल शतक भी उन्हीं के नाम दर्ज है।
एलिमिनेटर में उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार इतनी विस्फोटक थी कि वह आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने की राह पर दिखाई दे रहे थे। लेकिन 29 गेंदों पर 97 रन बनाकर आउट हो गए। यदि वह कुछ और गेंदें खेल लेते, तो संभवतः आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक उनके नाम दर्ज हो जाता। फिर भी, 29 गेंदों पर 97 रन की पारी इस बात का प्रमाण थी कि वैभव सूर्यवंशी सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़ रहे थे, बल्कि टी20 बल्लेबाजी की नई परिभाषा लिख रहे थे। 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने जो किया, वह आईपीएल के 19 साल के इतिहास में पहले कभी देखने को नहीं मिला था।
वैभव सूर्यवंशी
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सीजन की आखिरी पारी में भी बना दिया रिकॉर्ड
सीजन की अपनी अंतिम पारी में वैभव सूर्यवंशी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। वह आईपीएल इतिहास में 1000 रन पूरे करने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, गेंदों के लिहाज से भी वह इस मुकाम तक सबसे तेजी से पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। वैभव ने केवल 440 गेंदों में 1000 आईपीएल रन पूरे किए, जो पहले आंद्रे रसेल के नाम मौजूद रिकॉर्ड से 105 गेंद कम थे। उन्होंने यह उपलब्धि सिर्फ 23 पारियों में हासिल की। यह आईपीएल इतिहास में संयुक्त रूप से दूसरी सबसे तेज उपलब्धि है और किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज।
पावरप्ले में पूरी तरह हावी रहे वैभव
अगर आईपीएल 2026 में कोई ऐसा चरण था जहां वैभव सूर्यवंशी का दबदबा अपने चरम पर था, तो वह पावरप्ले था। उनके 776 रनों में से 521 रन शुरुआती छह ओवरों में आए। आईपीएल इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक सीजन के पावरप्ले में बनाए गए यह सबसे ज्यादा रन हैं। उन्होंने 2016 में डेविड वॉर्नर द्वारा बनाए गए 467 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। वैभव ने चार बार पावरप्ले के भीतर ही अपना अर्धशतक पूरा किया। यह एक सीजन में सबसे ज्यादा बार पावरप्ले में अर्धशतक लगाने के ट्रेविस हेड (2024) के रिकॉर्ड की बराबरी है।
वैभव सूर्यवंशी
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पांच बार पावरप्ले के भीतर अर्धशतक
कुल मिलाकर वैभव अब आईपीएल में पांच बार पावरप्ले के अंदर अर्धशतक बना चुके हैं। उनसे आगे केवल डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने ऐसा छह बार किया था, लेकिन पावरप्ले में उनका असली आतंक छक्कों के रूप में दिखाई दिया। सूर्यवंशी ने केवल 223 गेंदों में पावरप्ले के दौरान 46 छक्के जड़ दिए। यह किसी भी आईपीएल सीजन में इस चरण के दौरान सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि कितनी बड़ी है, इसको जानने के लिए दिलचस्प तथ्य काफी है। 2023 तक आईपीएल के इतिहास में कोई भी टीम पूरे सीजन में उतने पावरप्ले छक्के नहीं लगा सकी थी, जितने वैभव ने अकेले 2026 में लगा दिए। इतना ही नहीं, 2026 में पावरप्ले के दौरान छक्कों की संख्या के मामले में वैभव अकेले पांच टीमों से आगे रहे-
- चेन्नई सुपर किंग्स: 38 छक्के
- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: 36 छक्के
- कोलकाता नाइट राइडर्स: 35 छक्के
- गुजरात टाइटंस: 33 छक्के
- दिल्ली कैपिटल्स: 28 छक्के
यानी एक बल्लेबाज ने पावरप्ले में जितने छक्के लगाए, उतने पूरे सीजन में कई टीमें भी नहीं लगा सकीं।
वैभव सूर्यवंशी
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छक्के लगाने के सारे पैमाने बदल दिए
अगर 2010 के शुरुआती दशक में क्रिस गेल ने टी20 क्रिकेट में पावर-हिटिंग की नई परिभाषा लिखी, तो वैभव सूर्यवंशी ने उसे पूरी तरह से बदल कर रख दिया। आईपीएल 2012 में गेल ने 59 छक्के लगाए थे। इसके लिए उन्होंने 456 गेंदों का सामना किया था। यानी लगभग हर 7.7 गेंद पर एक छक्का। इसके मुकाबले वैभव ने आईपीएल 2026 में 72 छक्के लगाए और इसके लिए उन्हें केवल 327 गेंदें खेलनी पड़ीं। यानी हर 4.5 गेंद पर एक छक्का।
यह आंकड़ा बताता है कि वह कितनी निरंतरता से गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचा रहे थे और यह सिर्फ कुल छक्कों की बात नहीं है। पूरे सीजन में उनके दो छक्कों के बीच सबसे लंबा अंतर केवल 20 गेंदों का रहा। दूसरे शब्दों में कहें तो किसी भी मैच में गेंदबाज उन्हें लंबे समय तक छक्का लगाने से रोक नहीं पाए। आईपीएल इतिहास में जिन बल्लेबाजों ने किसी सीजन में 30 या उससे ज्यादा छक्के लगाए हैं, उनमें केवल तीन बल्लेबाज ऐसे रहे हैं जिनके दो छक्कों के बीच का औसत अंतर वैभव से कम रहा। इनमें दो मध्यक्रम के बल्लेबाज थे, जबकि सलामी बल्लेबाजों में केवल अभिषेक शर्मा (2024) ही उनके करीब पहुंचे थे।
वैभव सूर्यवंशी
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एक पारी में 10 से ज्यादा छक्के, तीन बार
वैभव ने 2026 सीजन के दौरान तीन अलग-अलग पारियों में 10 या उससे अधिक छक्के लगाए। आईपीएल इतिहास में ऐसा करने वाले वह पहले खिलाड़ी बन गए। एक सीजन में कई बार यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे बल्लेबाज केवल फिन एलेन रहे, जिन्होंने भी 2026 में ऐसा किया। कुल मिलाकर आईपीएल में वैभव की अब चार ऐसी पारियां हो चुकी हैं, जिनमें उन्होंने 10 या उससे अधिक छक्के लगाए हैं। इस मामले में वह क्रिस गेल की बराबरी पर पहुंच गए हैं।
उन्होंने सीजन में दो बार 12-12 छक्के लगाए। यह आईपीएल की एक पारी में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। इससे पहले उनका अपना रिकॉर्ड 11 छक्कों का था, जिसे उन्होंने 2025 में बनाया था। उस समय वह रिकॉर्ड मुरली विजय के साथ संयुक्त रूप से उनके नाम था। एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ लगाए गए 12 छक्के आईपीएल प्लेऑफ या नॉकआउट मुकाबले में किसी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। इन 12 छक्कों में से आठ छक्के उन्होंने केवल पावरप्ले के दौरान लगाए थे, जो अपने आप में एक और रिकॉर्ड है।
वैभव सूर्यवंशी
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50 आईपीएल छक्कों तक सबसे तेज पहुंचने वाले बल्लेबाज
जयपुर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अपने शतक के दौरान वैभव ने एक और उपलब्धि हासिल की। वह आईपीएल में 50 छक्के पूरे करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बन गए।
- पारियों के हिसाब से: 15 पारियां
- गेंदों के हिसाब से: 250 गेंदें
इससे पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल (21 पारियां) और प्रियांश आर्य (361 गेंद) के नाम था।
लेग साइड बना सबसे बड़ा हथियार
वैभव सूर्यवंशी की वैगन व्हील यह दिखाती है कि उनका सबसे पसंदीदा एरिया 'काउ कॉर्नर' रहा। उनके 72 छक्कों में से 18 छक्के इसी क्षेत्र में गए। कुल मिलाकर उनके 72 में से 50 छक्के लेग साइड पर लगे। इनमें से 34 छक्के स्क्वायर लेग और मिडविकेट के बीच के क्षेत्र में गए। यह आंकड़ा दर्शाता है कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत गेंद को लेग साइड की ओर उठाकर लंबी दूरी तक भेजना रही। चाहे तेज गेंदबाज हों या स्पिनर, अगर गेंद उनकी ताकत वाले क्षेत्र में पहुंची तो उसके स्टैंड में जाने की संभावना सबसे ज्यादा रही।
आज वैभव के सामने बुमराह
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कोई गेंदबाज नहीं बच पाया
- चाहे जसप्रीत बुमराह हों या पैट कमिंस, या फिर जोश हेजलवुड, या फिर मैट हेनरी, या फिर मिचेल स्टार्क, या फिर लुंगी एनगिडी...ये सभी आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक और विश्वस्तरीय गेंदबाजों में गिने जाते हैं। तीनों प्रारूपों में अपनी छाप छोड़ चुके इन गेंदबाजों की प्रतिष्ठा क्रिकेट जगत में किसी परिचय की मोहताज नहीं है, लेकिन आईपीएल 2026 में उनकी यह प्रतिष्ठा भी वैभव सूर्यवंशी को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं थी।
- दिलचस्प बात यह रही कि इन सभी गेंदबाजों की वैभव को फेंकी गई पहली गेंद बाउंड्री तक पहुंची। यानी मुकाबले की शुरुआत से ही वैभव ने यह स्पष्ट कर दिया कि सामने चाहे दुनिया का कोई भी गेंदबाज क्यों न हो, उनका इरादा हमला करने का ही रहेगा। तेज गेंदबाजों के खिलाफ वैभव ने 239.11 के स्ट्राइक रेट से 648 रन बनाए। इसका मतलब है कि वह लगभग हर दूसरी गेंद पर बाउंड्री लगा रहे थे।
- स्पिनरों के खिलाफ भी उनका रवैया नहीं बदला। उन्होंने 56 गेंदों पर 228.57 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। यानी गेंदबाज चाहे तेज हो या स्पिनर, वैभव की आक्रामकता में कोई कमी नहीं आई। तेज गेंदबाजों की लगभग हर लेंथ उनके निशाने पर रही। सिर्फ यॉर्कर और फुलटॉस ऐसी गेंदें रहीं जिनके खिलाफ वह अपेक्षाकृत शांत दिखाई दिए। उन्होंने पूरे सीजन में केवल 12 यॉर्कर गेंदों का सामना किया। इन पर वह सिर्फ दो रन ही बना सके और एक बार आउट भी हुए।
- इसी तरह 17 फुलटॉस गेंदों पर उन्होंने केवल 16 रन बनाए, लेकिन यॉर्कर लेंथ से थोड़ी भी छोटी गेंद उनके लिए अवसर बन जाती थी। लेंथ गेंदों पर उनका स्ट्राइक रेट 268 रहा, जबकि पूरे टूर्नामेंट में बल्लेबाजों का औसत स्ट्राइक रेट 148 था। बाउंसरों के खिलाफ तो वह और भी खतरनाक साबित हुए। इन गेंदों पर उनका स्ट्राइक रेट 300 से ऊपर रहा और उनके कुल छक्कों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बाउंसरों पर ही आया।
वैभव सूर्यवंशी
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46 गेंदबाजों का सामना, 34 के खिलाफ छक्के
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने कुल 46 अलग-अलग गेंदबाजों का सामना किया। इनमें से 34 गेंदबाज ऐसे रहे, जिनके खिलाफ उन्होंने कम से कम एक छक्का लगाया। सिर्फ 12 गेंदबाज ही ऐसे रहे जो उन्हें छक्का लगाने से रोक पाए। लेकिन इन 12 में भी केवल चार गेंदबाज ऐसे थे जिन्होंने उन्हें तीन से ज्यादा गेंदें फेंकीं-
| गेंदबाज |
फेंकी गई गेंदें |
| मोहसिन खान |
12 |
| कार्तिक त्यागी |
9 |
| प्रसिद्ध कृष्णा |
8 |
| वैभव अरोड़ा |
6 |
इन सभी में मोहसिन खान वैभव के लिए सबसे कठिन चुनौती साबित हुए। मोहसिन ने 12 गेंदों में सिर्फ दो रन दिए। लखनऊ में उन्होंने आईपीएल इतिहास में पहली बार वैभव के खिलाफ मेडन ओवर फेंका और उसी ओवर की आखिरी गेंद पर उन्हें आउट भी कर दिया। मोहसिन के अलावा केवल सुनील नरेन ही ऐसे गेंदबाज रहे जिन्होंने एक से ज्यादा ओवर वैभव को फेंके और उनका स्ट्राइक रेट 100 से नीचे रखा। वैभव ने नरेन की आठ गेंदों पर केवल सात रन बनाए।
प्रफुल्ल और वैभव
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प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन पर टूटा सबसे बड़ा कहर
सीजन के दौरान सबसे ज्यादा मार सनराइजर्स हैदराबाद के दो युवा गेंदबाजों, प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन को झेलनी पड़ी। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले दोनों गेंदबाज राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मिलकर आठ विकेट ले चुके थे। आईपीएल में अपने पहले मैच में वैभव का सामना प्रफुल हिंगे से हुआ था। हिंगे ने अपने पहले ही ओवर की पहली गेंद पर वैभव को आउट कर दिया था। वह ओवर ऐतिहासिक भी बना क्योंकि हिंगे आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे गेंदबाज बने जिन्होंने अपने पदार्पण ओवर में तीन विकेट लिए, लेकिन वैभव ने सीजन आगे बढ़ने के साथ इसका हिसाब भी बराबर कर दिया।
प्रफुल्ल और वैभव
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चार लगातार छक्कों से लिया बदला
सीजन के दूसरे मुकाबले में वैभव ने प्रफुल हिंगे के खिलाफ जोरदार जवाब दिया। उन्होंने पारी के पहले ही ओवर में हिंगे की लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ दिए। आईपीएल इतिहास में पहली बार किसी बल्लेबाज ने मैच की पहली ही ओवर में लगातार चार छक्के लगाए थे। पूरे सीजन में वैभव ने हिंगे की 17 गेंदों पर 57 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 335.29 रहा। अपने बिहार के साथी खिलाड़ी साकिब हुसैन के खिलाफ उन्होंने 19 गेंदों पर 59 रन ठोक दिए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 310.52 रहा।
पर्पल कैप के दावेदार भी नहीं रोक पाए
अक्सर बड़े रिकॉर्ड कमजोर गेंदबाजी आक्रमणों के खिलाफ बनते हैं, लेकिन वैभव का मामला अलग था। आईपीएल 2026 के अंत में पर्पल कैप की दौड़ में शामिल शीर्ष 10 गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने 113 गेंदों पर 241 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 213 रहा। और सबसे खास बात यह रही कि इन शीर्ष 10 गेंदबाजों में से हर एक के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट 160 से ऊपर रहा। यानी सिर्फ कमजोर गेंदबाज ही नहीं, बल्कि टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ विकेट लेने वाले गेंदबाज भी उनके सामने बेबस नजर आए।
वैभव सूर्यवंशी
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एक सीजन, जिसने नया सुपरस्टार दे दिया
भारत के टी20 विश्व कप जीतने के बाद आईपीएल 2026 की शुरुआत हुई थी। टूर्नामेंट को एक ऐसी कहानी की तलाश थी, जो पूरे सीजन को परिभाषित कर सके। वह कहानी वैभव सूर्यवंशी के रूप में सामने आई। उनकी कच्ची प्रतिभा, निडर बल्लेबाजी और रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े पूरे टूर्नामेंट पर छाए रहे।
- 776 रन।
- 237.30 का स्ट्राइक रेट।
- 72 छक्के।
- 521 पावरप्ले रन।
- 1000 आईपीएल रन तक सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय बल्लेबाज।
ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उस सीजन की पहचान हैं। आईपीएल 2026 पूरी तरह वैभव सूर्यवंशी का था। और शायद सबसे डराने वाली बात विपक्षी टीमों के लिए यह है कि यह खिलाड़ी अभी सिर्फ 15 साल का है। अगर यह शुरुआत है, तो संभव है कि उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी आना बाकी हो।