अबरार को सनराइजर्स ने खरीदा
अबरार 'द हंड्रेड' में भारतीय स्वामित्व वाली किसी भी टीम द्वारा खरीदे गए पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं। फ्रेंचाइजी ने उन्हें 2,55,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2.3 करोड़ भारतीय रुपये में खरीदा। सनराइजर्स फ्रेंचाइजी को अपने इस फैसले के लिए भारत में क्रिकेट फैंस की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। फैंस के मुताबिक टीम की मालकिन काव्या मारन का पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का फैसला देश की भावनाओं के खिलाफ है।
अबरार अहमद और काव्या मारन
- फोटो : IANS
अबरार ने किए थे विवादित पोस्ट
विवाद की मुख्य वजह साल 2025 में कथित तौर पर अबरार द्वारा किए गए कुछ विवादित सोशल मीडिया पोस्ट बताए जा रहे हैं। उस समय भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ था और आरोप है कि अबरार ने ऐसे पोस्ट साझा किए थे जिनमें भारतीय सेना का मजाक उड़ाया गया था। जैसे ही उनके साइन किए जाने की खबर सामने आई, एक्स पर #ShameOnSRH और #BoycottSunrisers जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आलोचकों का कहना है कि भारतीय सुरक्षा बलों का अपमान करने वाले खिलाड़ी को बड़ा कॉन्ट्रैक्ट देकर फ्रेंचाइजी मालिकों ने रणनीतिक फायदे के लिए देश की भावनाओं को नजरअंदाज किया है।
कुछ लोगों ने सनराइजर्स ब्रांड का चेहरा मानी जाने वाली काव्या मारन को भी निशाने पर लिया। आरोप लगाया गया कि उन्होंने गुरुवार को लंदन में हुई नीलामी के दौरान अबरार अहमद के लिए आक्रामक बोली लगाई। एक एक्स यूजर ने लिखा, वर्षों तक भारतीय टीमों ने राष्ट्रीय भावना का सम्मान करते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूरी बनाई। लेकिन जैसे ही पैसा और विदेशी लीग सामने आती हैं, वह रुख गायब हो जाता है। भारतीय मालिक, भारतीय ब्रांड, लेकिन राष्ट्रीय भावना की कोई परवाह नहीं। अगर मुनाफा देश से ज्यादा अहम है तो भारत का प्रतिनिधित्व करने का दावा मत कीजिए।'