टी20 विश्व कप 2026 के बाद टीमों की वापसी में हुई देरी को लेकर लगे भेदभाव के आरोपों पर आईसीसी ने जवाब दिया है। बोर्ड ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण उड़ानें प्रभावित हुईं। सुरक्षा और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर ही टीमों की यात्रा व्यवस्था की गई।
आईसीसी ने बुधवार को भारत में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 के बाद टीमों की वापसी में हो रही देरी को लेकर उठे भेदभाव के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। बोर्ड ने कहा कि खिलाड़ियों और टीमों की यात्रा से जुड़े सभी फैसले सुरक्षा, उपलब्ध विकल्प को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।
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अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा असर
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है। इस वजह से कई टीमें भारत से समय पर स्वदेश रवाना नहीं हो सकीं। सबसे ज्यादा प्रभावित वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका की टीमें रहीं। वेस्टइंडीज की टीम 1 मार्च को सुपर-8 चरण से बाहर हो गई थी, जबकि साउथ अफ्रीका 4 मार्च को सेमीफाइनल में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हुआ था।
वॉन ने लगाए थे गंभीर आरोप
भेदभाव का आरोप आईसीसी पर तब लगा जब पांच मार्च को भारत के खिलाफ हुए सेमीफाइनल में हार के बाद इंग्लैंड की टीम तुरंत स्वदेश लौट गई। इसके बाद इंग्लैंड के ही पूर्व कप्तान माइकल वॉन और कुछ अन्य क्रिकेट विश्लेषकों ने आईसीसी पर इंग्लैंड को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
आईसीसी ने आरोपों पर क्या जवाब दिया
आईसीसी ने भेदभाव के आरोपों पर कहा कि अलग-अलग टीमों के लिए की गई यात्रा व्यवस्थाओं के बीच कोई संबंध नहीं है। हर देश के लिए ट्रैवल प्लान उनके अलग-अलग रूट, उपलब्ध फ्लाइट्स और उस समय की यात्रा परिस्थितियों के आधार पर बनाए गए थे।
आईसीसी ने अपने बयान में कहा कि खिलाड़ियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ और उनके परिवारों की घर लौटने की इच्छा को वह पूरी तरह समझता है, लेकिन मौजूदा देरी खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संकट का सीधा परिणाम है। इस संकट के कारण कई एयरस्पेस बंद हो गए, मिसाइल चेतावनियां जारी हुईं, उड़ानों को नए रास्तों से भेजना पड़ा और कई कमर्शियल तथा चार्टर फ्लाइट्स को रद्द या पुनर्निर्धारित करना पड़ा।
आईसीसी के नियंत्रण से बाहर का मामला
ये परिस्थितियां उसके नियंत्रण से बाहर थीं और इसी वजह से यात्रा व्यवस्था सामान्य से कहीं ज्यादा जटिल और समय लेने वाली हो गई। आईसीसी ने कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध विकल्पों के आधार पर उन्हें वापस भेजा जा रहा है।