भारतीय वनडे उप-कप्तान श्रेयस अय्यर ने फिर से टी20 टीम में जगह बना ली है। चयनकर्ताओं ने उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ 21, 23 और 25 जनवरी को होने वाले तीन टी20 मैचों के लिए टीम में शामिल किया है। वह तिलक वर्मा की जगह टीम में आए हैं, जो फिलहाल चोट से जूझ रहे हैं। वापसी का यह समय बेहद अहम है, क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप में अब एक कुछ ही दिनों का समय बचा है। चोटें और फॉर्म किसी भी बड़े टूर्नामेंट का समीकरण बदल सकती हैं, इसलिए चयनकर्ता अनुभवी विकल्पों को तैयार रख रहे हैं।
श्रेयस अय्यर
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आईपीएल के दो सत्रों ने बदल दी तस्वीर
श्रेयस का यह पहला टी20 कॉल-अप 2023 में ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद आया है। 2024 वर्ल्ड कप से ठीक पहले उन्हें ड्रॉप किया गया था, जो उनके लिए बड़ा झटका था। इसके बाद उन्होंने आईपीएल में करियर की नई ऊंचाइयाँ छुईं। 2024 में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाया और 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाया। व्यक्तिगत तौर पर, आईपीएल 2025 उनका सुनहरा सीजन रहा।
श्रेयस ने 604 रन बनाए और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 175 और औसत 50.33 का रहा। इस दौरान उन्होंने छह अर्धशतक लगाए। श्रेयस ने 43 चौके और 39 छक्के जड़े। सबसे खास बात यह रही कि धीमी पिचों पर स्पिन पर उनकी पकड़ मजबूत दिखी। कोच राहुल द्रविड़ ने कुछ साल पहले श्रेयस के स्वभाव पर कहा था, 'उनकी सबसे बड़ी खासियत उनका टेम्परामेंट है। दबाव में भी वो खुद को बेहतर तरीके से संभालते हैं।' यह बयान आज भी उनके करियर के साथ फिट बैठता है।
श्रेयस अय्यर
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भारतीय टी20 टीम में बढ़ी भीड़: जगह मिलेगी कैसे?
2024 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारत की टी20 टीम का स्तर और चयन दोनों बदला है। लगातार सीरीज जीत, नई प्लेइंग कॉम्बिनेशन और प्रदर्शन की निरंतरता ने जगह पाना और मुश्किल बना दिया है। ईशान किशन, रिंकू सिंह, शिवम दूबे और संजू सैमसन जैसे बल्लेबाज जगह के लिए पहले से ही कतार में हैं। ऐसे में अय्यर को सीमित मौकों में तुरंत बड़ा प्रभाव दिखाना होगा।
तिलक वर्मा की चोट और खुला दरवाजा
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तिलक वर्मा वर्ल्ड कप तक फिट हो पाएंगे या नहीं। अगर तिलक बाहर रहते हैं, तो नंबर-तीन या नंबर चार स्लॉट खाली होगा और वहीं श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे आता है।
टीम का मौजूदा बल्लेबाजी समीकरण ऐसा है-
- ओपनर्स: अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन
- नंबर-तीन: तिलक वर्मा (फिलहाल चोटिल)- यह अय्यर का संभावित स्लॉट हो सकता है।
- नंबर-चार: कप्तान सूर्यकुमार यादव
- नंबर-पांच: शिवम दुबे/रिंकू सिंह
- नंबर छह: अक्षर पटेल
- नंबर सात: हार्दिक पांड्या
ऐसे में अय्यर का वन-डाउन उतरना टीम को अनुभव और स्थिरता दे सकता है।
तिलक वर्मा और सुंदर चोट की वजह से इस सीरीज से बाहर हो चुके हैं
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अनुभव है अय्यर की सबसे बड़ी ताकत
टी20 में अय्यर की खासियत है कि वह केवल एक भूमिका में सीमित नहीं हैं। वे जरूरत के हिसाब से एंकर, फिनिशर, स्ट्राइकर, स्पिन-डोमिनेटर, और पेस-हिटर, सभी तरह के किरदार निभा सकते हैं। स्पिन पर उनकी स्ट्राइक रेट और रन-रेट कंट्रोल की क्षमता टीम को मध्य ओवरों में बड़ा फायदा देती है। उनकी पिछली टी20 अंतरराष्ट्रीय पारी (53 गेंदों में 37) धीमी चिन्नास्वामी पिच पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ थी, जिसमें भारत ने 160 का स्कोर डिफेंड किया था। यानी मुश्किल परिस्थितियों में खेल बदलने की काबिलियत उनमें कूट कूटकर भरी है।
क्या वर्ल्ड कप कॉल-अप संभव है?
यहीं असली कहानी है। अय्यर के पास सिर्फ तीन मैच हैं और वर्ल्ड कप टीम में जगह के लिए उन्हें-
- बड़ी पारी और ज्यादा से ज्यादा रनों की जरूरत है।
- तूफानी स्ट्राइक रेट की जरूरत है।
- और तिलक की फिटनेस रिपोर्ट उनके पक्ष में होनी चाहिए।
मतलब रास्ता मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। अगर अय्यर वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाते हैं, तो यह एक शानदार वापसी की कहानी होगी। एक ऐसे खिलाड़ी की जो तराशा गया, गिरा, फिर से उठकर टीम का ध्यान खींचा। ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर कुछ ऐसा ही अजूबा किया और टी20 विश्व कप टीम में जगह बनाई। अब बारी श्रेयस की है और ऐसे मौके बार-बार नहीं आते।
श्रेयस अय्यर
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क्या न्यूजीलैंड सीरीज से बदलेगी किस्मत?
श्रेयस अय्यर इस समय भारतीय क्रिकेट के सबसे दिलचस्प केस स्टडी हैं। फॉर्म, नेतृत्व, अनुभव और तकनीक, सब उनके पक्ष में हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में उनका बल्ला भले ही कुछ खास न चला हो, लेकिन वह भारत के सबसे टैलेंटेड बल्लेबाज में से एक हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। बस मौके कम हैं और दौड़ लंबी। अब देखना होगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ यह छोटा-सा मौका उनकी किस्मत बदल पाता है या नहीं।