'भारत ने क्रिकेट बर्बाद कर दिया'
टैपमैड पर एक पाकिस्तानी शो 'गेम ऑन है' में बोलते हुए शोएब अख्तर ने भारत के दबदबे की तुलना मोहल्ले के अमीर बच्चे से कर दी। उन्होंने कहा, 'यह ऐसा है जैसे किसी मोहल्ले में एक अमीर बच्चा हो जो गरीब बच्चों को बुलाकर कहे- आओ क्रिकेट खेलते हैं। भारत भी हमारे साथ कुछ ऐसा ही कर रहा है। आठ टीमों में से चार रख लेते हैं, फिर उनमें से तीन को आगे बुला लेते हैं और फिर कहते हैं देखो, हम जीत गए। भारत ने पूरी तरह क्रिकेट को बर्बाद कर दिया है।' उन्होंने मजाक मजाक में गंभीर आरोप लगा दिए और टी20 विश्वकप से पहले जो विवाद हुए थे, उनका बयान उस पर तंज जैसा लग रहा था। अख्तर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई फैंस ने इसे भारत की जीत के बाद आई हताशा बताया।
गौतम गंभीर की भी की तारीफ
हालांकि आलोचना के बीच अख्तर ने भारत की सफलता के एक अहम कारण को भी स्वीकार किया। उन्होंने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की तारीफ की। अख्तर का मानना है कि गंभीर ने खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाया और मुश्किल दौर में उनका साथ दिया, जो बड़े टूर्नामेंट जीतने में काफी अहम साबित होता है।
आमिर की भी बौखलाहट दिखी
भारत की जीत के बाद पाकिस्तान के एक और पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने भी अलग तरह की प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक पाकिस्तानी क्रिकेट शो में कहा कि भारत की जीत का बड़ा कारण न्यूजीलैंड की गेंदबाजी भी रही। उनके मुताबिक कीवी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे, जिसकी वजह से भारत ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया।
आमिर ने कहा, 'न्यूजीलैंड की गेंदबाजी में किए गए बदलाव मुझे समझ नहीं आए। जब टीम को पता था कि अभिषेक शर्मा स्पिन के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, तब भी स्पिन का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया गया।' आमिर ने कहा कि उन्होंने 2005 से न्यूजीलैंड टीम को फॉलो किया है, लेकिन उन्हें पहली बार टीम इतनी दबाव में खेलती दिखी।
पाकिस्तानी गेंदबाज माना कि भारत ने इस मैच में साबित कर दिया कि सिर्फ गेंदबाज नहीं, बल्लेबाज भी बड़े टूर्नामेंट जीता सकते हैं। आमिर ने भारत के सेमीफाइनल और फाइनल में न पहुंचने की भविष्यवाणी की थी, लेकिन भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराते हुए न सिर्फ फाइनल में पहुंची, बल्कि फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन के बड़े अंतर से हराकर खिताब जीता। भारत की जीत के बाद आमिर को सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट फैंस की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।