भारतीय बल्लेबाज सरफराज खान ने घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने और अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत करने के बावजूद टीम इंडिया में वापसी का मौका नहीं मिलने पर निराशा जाहिर की है। मुंबई की ओर से रणजी ट्रॉफी में रेलवे के खिलाफ मुकाबले के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद सरफराज ने कहा कि कई बार उनके मन में सवाल आता है कि आखिर वह इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे और जब भी भारतीय टीम से बुलावा आएगा, वह खेलने के लिए तैयार रहेंगे।
सरफराज खान
- फोटो : twitter
हर सुबह पांच बजे शुरू होती है दिनचर्या
सरफराज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'बहुत कुछ हो चुका है। मैं अब ज्यादा नहीं सोचता। हर सुबह उठकर खुद से एक ही सवाल पूछता हूं कि मुझे इतनी मेहनत क्यों करनी चाहिए? सुबह पांच बजे वही दिनचर्या शुरू होती है। मैं भारत के लिए खेल चुका हूं। सामान्य दिनचर्या के साथ भी मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी खेल सकता हूं, क्योंकि मैं 30, 50 और 100 रन बना रहा हूं।'
उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में उनके पिता नौशाद खान उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। सरफराज के मुताबिक, जब वह अपने पिता को मेहनत करते देखते हैं तो उनके मन में दोबारा मैदान पर जाकर रन बनाने का जुनून पैदा होता है। उन्होंने कहा, 'जब मैं अपने पिता को मेहनत करते देखता हूं तो सोचता हूं कि ठीक है, मैं उनके लिए मैदान पर जाकर रन बनाऊंगा। अगर किसी को सरफराज खान से मिलना है तो उसे मेरे घर आने की जरूरत नहीं है। वह सुबह छह बजे आजाद मैदान या क्रॉस मैदान में मुझसे मिल सकता है।'
दोहरा शतक लगाने के बाद सरफराज खान।
- फोटो : amar ujala
विदेशी जमीन पर रन बनाने के बावजूद नहीं मिला मौका
सरफराज ने यह भी कहा कि उन्हें ऐसा महसूस होता है कि भारतीय टीम उन्हें मुख्य रूप से घरेलू परिस्थितियों में होने वाले टेस्ट मुकाबलों के लिए देख रही है। हालांकि, किसी चयनकर्ता ने उन्हें सीधे तौर पर ऐसी बात नहीं कही है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में भारत ए की ओर से खेलते हुए शतक लगाने का उदाहरण दिया। सरफराज ने कहा, 'जब मैं दक्षिण अफ्रीका गया था तो मैंने भारतीय टीम के खिलाफ 63 गेंदों में शतक लगाया था। इंग्लैंड में भी 76 गेंदों में शतक बनाया था। ऐसा नहीं है कि मैंने भारत से बाहर रन नहीं बनाए हैं। यह चयनकर्ताओं का नजरिया है। मेरा काम क्रिकेट खेलना है।'
सरफराज फरवरी 2024 में टेस्ट पदार्पण करने के बाद अब तक छह टेस्ट खेल चुके हैं। उनके सभी मुकाबले भारतीय मैदानों पर हुए हैं। वह श्रीलंका दौरे पर साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद भारतीय टीम में शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम का हिस्सा थे।
सरफराज खान
- फोटो : ANI
22 किलो वजन घटाया, पिता को दिया श्रेय
सरफराज ने अपनी फिटनेस पर की गई मेहनत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कुल 22 किलो वजन घटाया है। उनके मुताबिक, किसी ने उन्हें वजन कम करने के लिए नहीं कहा था, लेकिन सोशल मीडिया और लोगों की बातों को सुनकर उन्होंने इस दिशा में काम किया। उन्होंने कहा, 'पहले मैंने 10 किलो वजन कम किया था। अब 12 किलो और घटाया है। कुल 22 किलो वजन कम कर चुका हूं। मेरा फुटवर्क अच्छा हो रहा है और मैंने ऑफ सीजन में काफी मेहनत की है।'
उन्होंने अपने पिता को हर मुश्किल में साथ देने वाला एकमात्र व्यक्ति बताया। सरफराज ने कहा, 'अगर मेरी जिंदगी में किसी ने मेरा साथ दिया है तो वह सिर्फ मेरे पिता हैं। मैंने उनकी मेहनत और सपने को पूरा किया है। घरेलू क्रिकेट में एक-दो बार रन बनाकर मैं भारत के लिए नहीं खेला हूं। मैंने 250 और 300 रन की पारियां खेली हैं। बता दें कि न्यूजीलैंड के खिलाफ 2024 में खेली गई आखिरी टेस्ट सीरीज की चार पारियों में सरफराज 11, 9, 0 और 1 रन ही बना सके थे। इसके बाद से उन्हें टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है। रेलवे के खिलाफ रणजी मुकाबले में उन्होंने 100 गेंदों पर 55 रन बनाए।