टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को उनके 54वें जन्मदिन पर आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। इस उपलब्धि पर सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्हें बधाई देते हुए खुशी जाहिर की। सचिन ने लिखा कि 14 साल की उम्र से एक-दूसरे को जानने के बाद अब ज्यादा सरप्राइज नहीं बचे हैं। यह भी उनमें से एक नहीं था। सौरव गांगुली, आपको बधाई। आईसीसी हॉल ऑफ फेम में आपके शामिल होने से बेहद खुश हूं।
सचिन की बधाई पर सौरव गांगुली ने क्या जवाब दिया?
सचिन तेंदुलकर के संदेश का जवाब देते हुए सौरव गांगुली ने उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा "धन्यवाद चैंपियन। आपके साथ एक ही सूची में शामिल होना ही मेरे लिए सबसे बड़ी पेशेवर संतुष्टि है।"
गांगुली ने जय शाह और ICC का कैसे जताया आभार?
बुधवार को सौरव गांगुली ने सोशल मीडिया पर आईसीसी और उसके चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा कि आईसीसी और अध्यक्ष जय शाह का मुझे हॉल ऑफ फेम में शामिल करने के लिए धन्यवाद। यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची का हिस्सा बनना और इतने महान नामों के साथ जुड़ना अद्भुत एहसास है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) 11 जुलाई को होने वाली अपनी वार्षिक बैठक में गांगुली को हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने की आधिकारिक घोषणा कर सकती है।
सौरव गांगुली से पहले किन भारतीय खिलाड़ियों को मिला यह सम्मान?
सौरव गांगुली से पहले भारत के 11 क्रिकेटरों को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में जगह मिल चुकी है। इनमें दो महिला क्रिकेटर भी शामिल हैं। इस सूची में बिशन सिंह बेदी (2009), सुनील गावस्कर (2009), कपिल देव (2010), अनिल कुंबले (2015), राहुल द्रविड़ (2018), सचिन तेंदुलकर (2019), वीनू मांकड़ (2021), डायना एडुल्जी (2023), वीरेंद्र सहवाग (2023), नीतू डेविड (2024) और एमएस धोनी (2025) के नाम शामिल हैं।
भारतीय क्रिकेट में सौरव गांगुली का योगदान कितना अहम रहा?
सौरव गांगुली को भारत के सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने विदेशी सरजमीं पर जीत दर्ज करने का आत्मविश्वास हासिल किया। उनकी अगुआई में भारत ने नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती, 2002 में चैंपियंस ट्रॉफी का संयुक्त खिताब अपने नाम किया और 2003 वनडे विश्व कप के फाइनल तक का सफर भी तय किया।