पूर्व भारतीय स्पिनर और अब स्पिन कोच सुनील जोशी ने युवाओं को आजमाने के कदम का स्वागत किया लेकिन साथ ही चेताया कि ऐसी स्थिति स्पिनरों के मन में भ्रम पैदा कर सकती है। जोशी ने कहा, ‘मैं सुझाव दूंगा कि कुलदीप और चहल जब राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं हों तो घरेलू क्रिकेट खेलें। यहां अंगुली के स्पिनर या कलाई के स्पिनर का सवाल नहीं है। यह बल्लेबाजों को छकाने की रणनीति है।
उन्होंने कहा, देखते हैं कि युवा स्पिनर कैसा करते हैं और उन्हें पर्याप्त मौके दिए जाने चाहिए लेकिन साथ ही अगर चहल और कुलदीप सिर्फ एक प्रारूप में खेलते हैं तो उनकी लय बिगड़ सकती है। सफेद गेंद का क्रिकेट पूरी तरह से लय पर निर्भर है।