इमर्जिंग एशिया कप के फाइनल में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। युवा सितारों से भरी टीम इंडिया ने पहले पाकिस्तान को हराया था, लेकिन खिताबी मुकाबले में पाकिस्तान के अनुभवी खिलाड़ियों ने बेहतर तरीके से दबाव को झेला और बड़े अंतर से खिताबी मुकाबला अपने नाम किया। फाइनल में हारने वाली भारतीय टीम में रियान पराग भी शामिल थे। पराग ने गेंद के साथ ठीक-ठाक प्रदर्शन किया था, लेकिन बल्ले के साथ कुछ खास नहीं कर पाए थे।
आईपीएल में कुछ साल पहले रियान पराग उभरते हुए युवा खिलाड़ी के रूप में सामने आए थे। उनकी पहचान ऐसे खिलाड़ी के रूप में हुई थी, जो निचले क्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी कर सकते हैं और गेंद के साथ भी उपयोगी ओवर कर सकते हैं। हालांकि, आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की टीम में लगातार मौके मिलने के बावजूद पराग कुछ खास नहीं कर पाए हैं। फ्लॉप शो के लिए पराग की जमकर आलोचना भी होती रही है। अब रियान पराग ने देवधर ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया है और अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
पराग ने कहा "मुझे परवाह नहीं है। मुझे निश्चित रूप से इसकी परवाह नहीं है कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं। मैं उसी तरह से क्रिकेट खेलूंगा, जिस तरह से खेलना शुरू किया था। मैं वैसे ही क्रिकेट खेलना चाहता हूं जैसे मुझे पसंद है। मेरे लिए प्रदर्शन वास्तव में मायने नहीं रखता।" जब तक मैं अपने खेल का मजा ले रहा हूं और शांत रह सकता हूं, मुझे लगता है कि मामला सुलझ गया है, यार।''
उन्होंने आगे कहा "जो बात मुझे सबसे ज्यादा दुख पहुंचाती है वह यह है कि लोग सोचते हैं कि मैं इसे हल्के में लेता हूं, मेरे कुछ कनेक्शन या स्रोत हैं, और यह बिल्कुल घटिया बात है, मैंने आपको अपनी यात्रा के बारे में बताया था। असम के लोगों ने आईपीएल स्तर पर नहीं खेला है , मैं और भी बहुत कुछ खेलने जा रहा हूं। मैं किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेता, मेरी कार्य नीति सबसे अजीब है, आप उन लोगों से पूछ सकते हैं जो मेरे करीब हैं। यह सब किसी का ध्यान नहीं जाता क्योंकि मैं सोशल मीडिया पर इसके बारे में डींगें नहीं मारता। यदि आप मुझे जानना नहीं चाहते तो आपके पास सभी धारणाएं हो सकती हैं।"
देवधर ट्रॉफी में रियान पराग (102) के दूसरे शतक और मणिसंकर मुरासिंघ के शानदार पांच विकेट की बदौलत ईस्ट जोन ने मंगलवार को वेस्ट जोन पर 157 रन की बड़ी जीत हासिल की। पराग ने सिर्फ 68 गेंदों पर पांच छक्कों और छह चौकों की मदद से नाबाद 102 रन बनाए और पूर्वी क्षेत्र को 50 ओवरों में 319/7 के विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया।
320 रनों का पीछा करते हुए, पश्चिम क्षेत्र की टीम 34 ओवरों में मात्र 162 रनों पर आउट हो गई, जिसमें 30 वर्षीय त्रिपुरा के ऑलराउंडर मुरासिंह ने 7-1-28-5 का शानदार स्पैल दिया। उत्कर्ष सिंह ने भी अर्धशतक बनाकर और तीन विकेट लेकर हरफनमौला भूमिका निभाई। हारने वाली टीम के लिए, सौराष्ट्र के सलामी बल्लेबाज हार्विक देसाई ने 92 रन बनाकर अकेले संघर्ष किया, लेकिन उनका प्रयास व्यर्थ चला गया क्योंकि मुरासिंघ ने टीम की कमर तोड़ दी।